हां, यहां हल्दीराम से जुड़ी इस घटना की पूरी और विस्तृत जानकारी है, जो लखनऊ में 26-27 फरवरी 2026 को हुई। यह खबर विभिन्न विश्वसनीय समाचार स्रोतों (जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़18, पत्रिका, इंडिया टुडे, ऑपइंडिया आदि) से ली गई है:
घटना का पूरा विवरण
- कब हुई कार्रवाई? — 26 या 27 फरवरी 2026 को (रिपोर्ट्स में ज्यादातर 27 फरवरी का जिक्र है, लेकिन कुछ में 26 फरवरी बताया गया)।
- कहां हुई? — लखनऊ के फैजुल्लागंज (या मोहिबुल्लापुर) इलाके में मड़ियांव क्षेत्र के एसआर सेल्स नामक स्टोरेज वेयरहाउस पर। यह हल्दीराम से जुड़ा गोदाम/डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर है।
- क्या बरामद हुआ? — लगभग 1 क्विंटल 12 किलो (यानी 112 किलोग्राम) एक्सपायर्ड (समय-सीमा समाप्त) मिठाइयां। मुख्य रूप से सोनपापड़ी (Soan Papdi) और राजभोग (Rajbhog) के स्टॉक थे, जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी।
- मूल्यांकन — इन मिठाइयों की अनुमानित कीमत 45,000 रुपये बताई गई।
- कार्रवाई — खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने मौके पर ही इन सभी एक्सपायर्ड मिठाइयों को नष्ट करवा दिया। कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया कि इन्हें गड्ढा खोदकर या नगर निगम के कचरे में डालकर नष्ट किया गया।
- अन्य सैंपल — टीम ने असॉर्टेड पेड़ा, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, पेठा और गुजिया जैसे अन्य मिठाइयों के नमूने भी लिए और जांच के लिए लैब में भेजे।
व्यापक अभियान का हिस्सा
यह सिर्फ हल्दीराम तक सीमित नहीं था। FSDA ने रमजान और होली से पहले पूरे लखनऊ में बड़े पैमाने पर छापेमारी की:
- कुल 10,415 किलोग्राम मिलावटी/असुरक्षित खाद्य पदार्थ जब्त किए गए (जैसे नकली खोया, मिलावटी मसाले, काली मिर्च आदि)।
- इनकी कुल अनुमानित कीमत 55.91 लाख रुपये।
- ये सामान विभिन्न कोल्ड स्टोरेज, दुकानों और वेयरहाउस से बरामद हुए।
- कुल 15 सैंपल (मिठाइयां, मसाले आदि) जांच के लिए सील कर लैब भेजे गए।
- कार्रवाई सहायक आयुक्त (खाद्य)-II विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में हुई।
कारण और संदर्भ
- त्योहारों (रमजान और होली) के कारण मिठाइयों/खाद्य पदार्थों की डिमांड बढ़ जाती है, इसलिए मिलावटखोर और कुछ स्टॉकिस्ट एक्सपायर्ड या निम्न-गुणवत्ता वाला सामान बाजार में पहुंचाने की कोशिश करते हैं।
- FSDA ने जन स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सख्त अभियान चलाया। विभाग ने कहा कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- कुछ रिपोर्ट्स में “मिलावटी” शब्द का इस्तेमाल हुआ है, लेकिन मुख्य फोकस एक्सपायर्ड स्टॉक पर था। कुछ जगहों पर नकली/मिलावटी खोया भी पकड़ा गया, लेकिन हल्दीराम केस में स्पष्ट रूप से एक्सपायरी का मुद्दा था।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम, X, फेसबुक) पर लोग काफी नाराज दिखे। ब्रांडेड प्रोडक्ट्स में भी क्वालिटी कंट्रोल की कमी पर सवाल उठे। कई ने सलाह दी कि होली/त्योहारों में मिठाई खरीदते समय हमेशा पैकेज पर एक्सपायरी डेट, FSSAI लाइसेंस नंबर और पैकेजिंग की क्वालिटी चेक करें।
सलाह: त्योहारों में मिठाइयां खरीदते समय हमेशा विश्वसनीय दुकानों से लें, पैकेज्ड सामान की तारीख देखें और अगर संदेह हो तो FSDA हेल्पलाइन पर शिकायत करें।






