तेहरान में भीषण तबाही: अमेरिका-इजरायल ने ईरान के तेल डिपो पर किया जबरदस्त हवाई हमला, आग की लपटें आसमान छू रही हैं – मिडिल ईस्ट युद्ध ने लिया सबसे खतरनाक मोड़
जयपुर/नई दिल्ली, 8 मार्च 2026: मिडिल ईस्ट में जारी इजरायल-ईरान युद्ध ने अब तक का सबसे भीषण और विनाशकारी मोड़ ले लिया है। शनिवार देर रात अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सेनाओं ने ईरान की राजधानी तेहरान और आसपास के इलाकों में ईंधन भंडारण केंद्रों (ऑयल डिपो) पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इन हमलों से तेहरान के कई प्रमुख तेल डिपो जैसे शाहरण ऑयल डिपो (पश्चिमी तेहरान), अघदासिया वेयरहाउस (उत्तर-पूर्व), तेहरान रिफाइनरी (दक्षिण) और करज शहर के डिपो में भीषण विस्फोट हुए, जिससे आग की लपटें और काला धुआं आसमान में छा गया।
इजरायली सेना (IDF) ने आधिकारिक बयान में पुष्टि की कि ये हमले ईरान की सैन्य सुविधाओं को ईंधन सप्लाई करने वाले तेल भंडारण केंद्रों पर किए गए, जो ईरानी सेना के लिए महत्वपूर्ण हैं। ईरान के तेल मंत्रालय ने बताया कि तेहरान और अल्बोर्ज प्रांतों में कई डिपो निशाना बने, जिसमें कम से कम 4 लोगों की मौत हुई और कई घायल हैं। तेहरान में ईंधन वितरण अस्थायी रूप से ठप हो गया है, जिससे शहर में अफरा-तफरी मच गई है।
यह हमला युद्ध के नौवें दिन हुआ, जो 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के सैन्य और सरकारी ठिकानों पर शुरू किए गए संयुक्त हमलों का हिस्सा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “ईरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण” करना होगा, जबकि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने “कई आश्चर्य” का वादा किया था। ईरानी मीडिया ने इसे “अमेरिका और ज़ायोनी शासन” का हमला करार दिया है।
हमलों के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें तेहरान के आसमान में विशाल आग की लपटें और काले धुएं के गुबार दिख रहे हैं। शहर के निवासियों ने बताया कि विस्फोटों की गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है, जबकि युद्ध अब लेबनान, इराक और खाड़ी देशों तक फैल चुका है। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने तत्काल युद्धविराम की मांग की है, लेकिन स्थिति और बिगड़ती दिख रही है।





