Explore

Search

January 28, 2026 8:05 am

टैरिफ का तांडव… ट्रंप के ट्वीट से सालभर टूटती रहीं देशों की तिजोरियां

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

डोनाल्ड ट्रंप के लिए टैरिफ कोई आर्थिक नीति नहीं, बल्कि उनकी मेंटल स्टेट है—यह विचार आजकल काफी चर्चा में है, खासकर आज तक के एक ओपिनियन आर्टिकल में जहां इसे उनकी व्यक्तिगत आदत या गुस्से की तरह बताया गया है। जैसे कोई व्यक्ति चाय के बिना रह नहीं सकता या गुस्से में आ जाता है, वैसे ही ट्रंप टैरिफ को दुनिया को “समझाने” या कंट्रोल करने का हथियार मानते हैं।

ट्रंप की टैरिफ की “मेंटल स्टेट” क्यों?

  • ट्रंप का स्टाइल: व्हाइट हाउस अब कूटनीति का केंद्र नहीं, बल्कि “कलेक्शन सेंटर” बन गया है। टैरिफ उनके लिए “अमेरिका फर्स्ट” की रसीद है—जो मोलभाव करे, उसे रियायत; जो सवाल उठाए, उस पर टैरिफ की मार।
  • ईस्ट इंडिया कंपनी स्टाइल: पहले शर्तें थोपो, टैरिफ लगाओ, फिर व्यापार की बात करो। ट्वीट्स से ही देशों की तिजोरियां हिल जाती हैं।
  • डर का हथियार: टैरिफ सिर्फ आर्थिक नहीं, राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक टूल है। अनिश्चितता पैदा करके बाजार, सरकारें और कंपनियां घबराती हैं। ट्रंप खुद को “महान डीलमेकर” कहते हैं, लेकिन डीलें डर पर टिकी हैं।
  • कोई पार्टनर नहीं: दुनिया में सिर्फ दो कैटेगरी—जो मान गए, या जिन पर टैरिफ लगेगा। WTO जैसे संस्थान मूकदर्शक बन गए हैं।

2026 में ट्रंप के टैरिफ का तांडव

ट्रंप के दूसरे टर्म में टैरिफ का खेल और तेज हो गया है:

  • चीन: ट्रेड वॉर का नया दौर, दोनों तरफ महंगाई और राष्ट्रवाद बढ़ा, लेकिन ट्रंप इसे जीत मानते हैं।
  • यूरोप: ग्रीनलैंड खरीदने की जिद पर 8 देशों (डेनमार्क, जर्मनी, फ्रांस आदि) पर 10% टैरिफ, नहीं माने तो 25% तक। नाटो में दरार, यूरोप “डाउनवर्ड स्पाइरल” की चेतावनी दे रहा है।
  • भारत, कनाडा, मैक्सिको: रूस से तेल खरीदने पर जुर्माना, पुराने ट्रेड एग्रीमेंट शक की नजर में। भारत पर 25% तक टैरिफ की धमकी।
  • अन्य: रूस से जुड़े देशों पर 500% टैरिफ की धमकी, पाकिस्तान से चापलूसी लेकिन टैरिफ का खेल जारी।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ नीति पर सुनवाई चल रही है—ट्रंप कह रहे हैं कि अगर फैसला उनके खिलाफ आया तो अमेरिका “बर्बाद” हो जाएगा। अर्थशास्त्री चेतावनी दे रहे हैं कि 2026 में कीमतें बढ़ेंगी, महंगाई आएगी, सप्लाई चेन हिलेगी, और वैश्विक भरोसा टूटेगा।

यह सिर्फ व्यापार का संकट नहीं, भरोसे का संकट है। ट्रंप की यह “मेंटल स्टेट” दुनिया को डर में रखती है, लेकिन इतिहास बताता है—डर से बनी व्यवस्थाएं लंबे समय तक नहीं टिकतीं। ट्रंप इतिहास पढ़ते नहीं, उसे “रिवाइज” करते हैं।

DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर