
रूस के लोगों को अब तुर्की में रहना रास नहीं आ रहा है. इसका अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि पिछले दो साल में

तुर्की सिर्फ ड्रोन का एक्सपोर्टर नहीं, बल्कि भारी तबाही मचाने वाले बमों का भी निर्माता बन चुका है. दरअसल इस्तांबुल में चल रहे अंतरराष्ट्रीय डिफेंस

तुर्की में 15 जुलाई 2016 की वो रात जब सेना के कुछ अफसरों ने सत्ता पलटने की कोशिश की, इतिहास बन गई. उस रात करीब

तुर्की को भारत से पंगा लेना भारी पड़ गया है. भारतीय पर्यटकों की नाराज़गी और सोशल मीडिया पर उठे बहिष्कार अभियान के चलते, तुर्की की

इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष को 5 दिन हो गए हैं. मिसाइलें उड़ रही हैं, धमाकों की गूंज सुनाई दे रही है, और पूरा

तुर्की इस समय सुर्खियों में बना हुआ है, भारत से पंगा लेने के बाद देश नाटो के ही सदस्य ग्रीक से पंगा ले रहा है

तुर्की स्थित एयरपोर्ट ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी सेलेबी हावा सर्विसी का मार्केट कैप मात्र दो दिनों में 2,500 करोड़ रुपए (293 मिलियन अमेरिकी डॉलर) से ज्यादा
WhatsApp us