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June 7, 2026 2:02 am

जोएल स्टीड

रॉल्स और उनकी पत्नी का आरोप था कि डॉक्टरों ने कभी ये नहीं बताया कि ऑपरेशन में ऐसी नौबत भी आ सकती है. थेलेमा का कहना था कि कम से कम इतना तो कह सकते थे कि ये भी संभावना है. हम पहले से सोच-समझकर फैसला ले पाते. डॉक्टरों ने क्या कहा Advertisement सर्जन का दावा था कि उन्हें शक हुआ कैंसर पेनिस तक फैल गया है, इसलिए उन्होंने तुरंत ये बड़ा कदम उठा लिया, लेकिन हकीकत तब सामने आई जब पैथोलॉजी रिपोर्ट में पता चला कि पेनिस टिश्यू पूरी तरह कैंसर-फ्री था.इस पूरे मामले में जिन दो डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा-जॉन एस. ड्राइडन और फरीद खौरी. उन्होंने किसी भी तरह की गलती मानने से साफ इनकार कर दिया. डॉक्टरों के वकील जोएल स्टीड ने दावा किया कि रॉल्स को पहले ही बता दिया गया था कि अगर कैंसर ब्लैडर से फैलता है, तो उनका पेनिस हटाना पड़ सकता है. डॉक्टरों का बचाव स्टीड का कहना था कि सर्जरी के दौरान दोनों डॉक्टरों को ऐसा टिश्यू दिखाई दिया, जिससे उन्हें लगा कि कैंसर ब्लैडर से यूरेथ्रा तक फैल चुका है. इस वजह से उन्होंने पेनिस हटाने का फैसला किया, ताकि मरीज की जान बच सके.रॉल्स ने Clinics of North Texas पर मेडिकल नेग्लिजेंस का मुकदमा ठोक दिया. यह मामला 2003 में ट्रायल से पहले ही कोर्ट से बाहर सुलझा लिया गया. ये केस आज भी मेडिकल नेग्लिजेंस और पेशेंट कंसेंट पर गंभीर सवाल खड़ा करता है.

कैंसर ऑपरेशन में डॉक्टरों की चूक… मरीज का प्राइवेट पार्ट गलती से हटाया, रिपोर्ट आई तो उड़ गए होश डॉक्टरों के वकील जोएल स्टीड का

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