Explore

Search

February 26, 2026 11:22 pm

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: अमीर आरोपियों की कानून को चुनौती देने वाली पैंतरेबाजी नहीं चलेगी

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

नई दिल्ली, 7 जनवरी 2026: सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में अमीर और प्रभावशाली आरोपियों की आदत पर कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि अमीर आरोपी ट्रायल का सामना करने के बजाय कानून की वैधता को चुनौती देकर सिस्टम को बायपास करने की कोशिश करते हैं, लेकिन ऐसी पैंतरेबाजी अब नहीं चलेगी।

अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी वकील गौतम खैतान की याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने यह टिप्पणी की। बेंच में जस्टिस जेबी पारदीवाला भी शामिल थे। खैतान ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 44(1)(c) को चुनौती दी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।

सीजेआई ने कहा, “यह एक नया ट्रेंड बन गया है कि ट्रायल चलने के दौरान अमीर और प्रभावशाली आरोपी कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाते हैं। सिर्फ इसलिए कि मैं अमीर हूं, मैं कानून को चुनौती दूंगा? नहीं, ऐसा नहीं चलेगा। यदि आप आरोपी हैं, तो आम नागरिक की तरह ट्रायल का सामना करें।”

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि PMLA के प्रावधानों को चुनौती देने वाली कई याचिकाएं पहले से ही लंबित हैं, इसलिए इस मामले में अलग से सुनवाई की जरूरत नहीं। बेंच ने याचिका को सुनवाई योग्य मानते हुए खारिज कर दिया।

यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अपराधों के मामलों में प्रभावशाली लोग अक्सर कानूनी प्रक्रिया को लंबा खींचने की कोशिश करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह रुख न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने और कानून के सामने सभी की बराबरी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Sanjeevni Today
Author: Sanjeevni Today

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर