शुगर यानी डायबिटीज के मरीजों के लिए दालें आमतौर पर बहुत फायदेमंद होती हैं, क्योंकि ये प्रोटीन, फाइबर और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) वाली होती हैं, जो ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ातीं। लेकिन कुछ दालें ऐसी हैं, जिन्हें ज्यादा मात्रा में या नियमित रूप से खाने से बचना चाहिए, क्योंकि ये पचने में भारी होती हैं, गैस/ब्लोटिंग पैदा कर सकती हैं या कुछ मामलों में ब्लड शुगर पर असर डाल सकती हैं।
शुगर के मरीजों को कौन सी दाल से परहेज करना चाहिए?
डायबिटीज में भूलकर भी ज्यादा न खाएं ये दालें (सीमित मात्रा में भी सावधानी बरतें):
- उड़द की दाल (Urad Dal)
- सबसे ज्यादा चर्चित दाल जिससे परहेज की सलाह दी जाती है।
- पचने में बहुत भारी होती है, जिससे गैस, ब्लोटिंग, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- ज्यादा खाने से यूरिक एसिड भी बढ़ सकता है, जो किडनी पर असर डालता है।
- कई एक्सपर्ट्स (जैसे डॉ. सलीम जैदी और अन्य हेल्थ रिपोर्ट्स) इसे शुगर पेशेंट्स के लिए अवॉइड करने की सलाह देते हैं, खासकर घी-तेल वाली दाल मखनी जैसी डिश में।
- राजमा (Kidney Beans)
- हाई फाइबर होने के बावजूद पचने में भारी और गैस पैदा करने वाली।
- कुछ रिपोर्ट्स में इसे वेट गेन और डाइजेशन प्रॉब्लम के कारण सीमित रखने की सलाह दी जाती है।
- अगर खाना ही है तो अच्छे से भिगोकर और कम मात्रा में।
- सफेद छोले (White Chickpeas) या कुछ अन्य भारी दालें
- ये भी पाचन में मुश्किल पैदा कर सकती हैं, इसलिए ज्यादा न खाएं।
नोट: ज्यादातर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि उड़द दाल को छोड़कर बाकी सभी दालें संतुलित मात्रा में खाई जा सकती हैं। कोई भी दाल पूरी तरह “बैन” नहीं है, लेकिन मात्रा और तैयारी का तरीका महत्वपूर्ण है (बिना ज्यादा तेल-घी के, सब्जी के साथ)।
शुगर कंट्रोल के लिए बेस्ट दालें (जरूर खाएं!)
ये दालें लो GI वाली हैं और ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद करती हैं:
- चना दाल (Chana Dal): सबसे अच्छी मानी जाती है (GI बहुत कम ~8-28), प्रोटीन और फाइबर से भरपूर।
- मूंग दाल (Moong Dal): हल्की, आसानी से पचती है, GI ~38।
- मसूर दाल (Masoor Dal): प्रोटीन रिच, GI कम (~25-30), लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में हाई GI वाली भी बताई जाती है—संतुलित खाएं।
- अरहर/तुअर दाल (Toor Dal): पोटैशियम रिच, शुगर कंट्रोल में मददगार।
- मोठ दाल या अन्य हल्की दालें।
टिप्स डायबिटीज में दाल खाने के लिए
- दाल को सब्जी या सलाद के साथ मिलाकर खाएं।
- 1 कटोरी (100-150g cooked) से ज्यादा न लें।
- अच्छे से भिगोकर पकाएं ताकि पाचन आसान हो।
- घी, तेल या मक्खन कम इस्तेमाल करें।
- ब्लड शुगर मॉनिटर करें और डॉक्टर/डायटीशियन से पर्सनलाइज्ड एडवाइस लें।






