इंदौर, 23 जनवरी 2026: गौरा देवी पब्लिक स्कूल, बड़िया कीमा, इंदौर के छात्रों ने एक अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त किया जब वे जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट, सनावदिया पहुंचे। यहां सेंटर की निदेशक एवं पद्मश्री सम्मानित डॉ. जनक पलटा मगिलिगन (जिन्हें जनक दीदी के नाम से जाना जाता है) के साथ रहकर छात्रों ने प्रकृति के साथ सद्भावपूर्ण जीवन जीने का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।
छात्रों ने सूर्य, हवा, मिट्टी और पानी जैसे पांच तत्वों से प्रेम करना सीखा तथा इनके वैज्ञानिक उपयोग को समझा। उन्होंने पहली बार सोलर ऊर्जा से सूखे फल, फूल, सब्जियां और भाजियां सुखाते देखा। सोलर-पवन ऊर्जा आधारित पावर स्टेशन, सोलर वाटर हीटर, घर में उगाया गया जैविक भोजन, 10 प्रकार के सोलर कुकर तथा सोलर कुकिंग के विभिन्न तरीके सीखे। विशेष रूप से ऑटोमेटिक सोलर डिश देखकर छात्र हैरान रह गए।
पानी रिचार्ज करने वाले तालाब के आसपास लगी हल्दी, पालक, मेथी, तुअर की दाल, उगते गेहूं-चने तथा फलदार पेड़ों को देखकर छात्रों की आंखों में चमक और मुंह में पानी आ गया। यह सब उनके लिए महज किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि जीवंत प्रैक्टिकल अनुभव था।
जनक दीदी ने सादगी और स्नेह के साथ छात्रों तथा शिक्षकों को प्रकृति-दर्शन कराया। इसके बाद हुई चर्चा में उन्होंने प्रेरक विचार साझा किए: “सभी प्राणियों और पांच तत्वों में सद्भावना बनाए रखने से ही सस्टेनेबल डेवलपमेंट संभव है। भारत माता की जय, धरती माता की जय, गोमाता की जय सिर्फ बोलने से नहीं, बल्कि करने से होगी। विज्ञान वही सही जो सृष्टि को बचाए। जीवन में तन, मन, धन और आत्मा का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। प्रकृति ने हमें बचाया है, लेकिन हम उस पर हावी हो रहे हैं। संयम से रहना सीखना जरूरी है। मैं न कुछ बेचती हूं, न खरीदती हूं। मैं स्वतंत्र और खुश हूं। संयमपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों और सस्टेनेबल प्रौद्योगिकियों से जीवन जीने की अपनी प्रतिबद्धता से मैं पांच तत्वों के साथ सद्भाव में रहकर आनंद ले रही हूं। मुझे प्रकृति से सब कुछ मिल रहा है।”
जनक दीदी ने अपने जीवन के संघर्ष, साहस और प्रकृति से सच्चे प्रेम की प्रेरणास्पद कहानियां साझा कीं, जो सभी के हृदय को छू गईं। उन्होंने जैविक उत्पादों, सौर ऊर्जा, वायु ऊर्जा तथा पर्यावरण संरक्षण के वास्तविक महत्व और उचित उपयोग पर प्रकाश डाला।
स्कूल के प्रधानाचार्य श्री राज सिंह राजपूत द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, गौरा देवी पब्लिक स्कूल के आचार्य श्री धनराज सिंह ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, “हमने और छात्रों ने यहां सब कुछ देखकर प्रकृति प्रेम सीखा है। सही और सार्थक जीवन जीने की कला समझ आई है। यह अनुभव हमारे लिए अनुपम और अविस्मरणीय रहेगा।”
यह दौरा छात्रों में पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल जीवनशैली के प्रति गहरी जागरूकता पैदा करने वाला साबित हुआ।






