जयपुर। राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी में बगावत के आरोपों को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी ने अनुशासनहीनता और क्रॉस वोटिंग के आरोप में अपने तीन विधायकों को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद मामला और गरमा गया है और अब पार्टी इस पूरे प्रकरण को लेकर हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रही है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा चुनाव के दौरान कुछ विधायकों पर पार्टी लाइन से हटकर वोटिंग करने का आरोप लगा था। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने जांच करवाई, जिसके बाद तीन विधायकों को दोषी मानते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया। इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि जो भी विधायक पार्टी के खिलाफ जाकर काम करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पार्टी ने यह भी संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर कानूनी रास्ता अपनाया जाएगा और मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस इस मामले में चुनाव प्रक्रिया और क्रॉस वोटिंग से जुड़े पहलुओं की कानूनी जांच चाहती है। इसके लिए पार्टी के विधि विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है। अगर जरूरी हुआ तो जल्द ही हाईकोर्ट में याचिका दायर की जा सकती है।
वहीं, निलंबित विधायकों की ओर से भी इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई गई है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है और वे कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के बाद शुरू हुआ यह विवाद आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है। अगर मामला कोर्ट तक पहुंचता है तो प्रदेश की राजनीति में इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है और कांग्रेस पार्टी के अगले कदम का इंतजार किया जा रहा है।






