भारतीय शेयर बाजार में आज मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को भी गिरावट का दौर जारी रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं, जिसमें सेंसेक्स 600 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और निफ्टी 25,400 के स्तर से नीचे चला गया।
बाजार की स्थिति (कारोबार के दौरान)
- सेंसेक्स: 600+ अंकों की गिरावट के साथ 82,600 के आसपास ट्रेड कर रहा है (कुछ रिपोर्ट्स में इंट्राडे लो 82,568 तक देखा गया)। पिछले सत्र के बंद स्तर 83,246 से काफी नीचे।
- निफ्टी: 25,400 के नीचे फिसलकर 25,350-25,370 के बीच पहुंच गया। पिछले बंद 25,585 से करीब 200+ अंकों की कमजोरी।
- ब्रॉडर मार्केट में और तेज गिरावट: मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.2-2% तक लुढ़के।
- सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में: IT, बैंकिंग, फाइनेंशियल और अन्य प्रमुख सेक्टरों में दबाव।
गिरावट के प्रमुख कारण
- विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली: जनवरी में FII ने भारी बिकवाली की है (कई दिनों से नेट सेलर), जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा। हाल के दिनों में ₹20,000-30,000 करोड़ से अधिक की बिकवाली देखी गई।
- तीसरी तिमाही (Q3) के मिले-जुले नतीजे: कई बड़ी कंपनियों के कमजोर या उम्मीद से कमजोर नतीजों ने निवेशकों का भरोसा कम किया।
- ग्लोबल ट्रेड वॉर की बढ़ती आशंकाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ नीतियों और यूरोप/अन्य देशों पर संभावित टैरिफ की खबरों से वैश्विक बाजार प्रभावित। भारत पर भी अप्रत्यक्ष असर, खासकर ऊर्जा और कमोडिटी से जुड़े सेक्टरों में।
- वैश्विक संकेत कमजोर: एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट का असर।
- तकनीकी दबाव: निफ्टी ने महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल (25,600) तोड़ दिया, जिससे और बिकवाली बढ़ी।
यह गिरावट 2026 की शुरुआत से ही जारी है, जहां जनवरी में बाजार 3%+ नीचे आ चुका है। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह है, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितताएं और FII आउटफ्लो जारी रह सकता है। हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि लोअर लेवल पर वैल्यू बाइंग आ सकती है।






