(15 जनवरी 2026, मुंबई – वर्तमान समय: सुबह से शाम तक मतदान जारी)
बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) चुनाव 2026 आज मुंबई में जोरों पर है। यह चुनाव महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत के सबसे अमीर और सबसे बड़े नागरिक निकाय पर नियंत्रण की लड़ाई है। 227 वार्डों में कुल 1,700 से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में हैं, और लगभग 1.03 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चल रहा है, और मतगणना कल 16 जनवरी को होगी।
प्रमुख राजनीतिक मुकाबला
- उद्धव ठाकरे vs महायुति: 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद उद्धव ठाकरे (शिवसेना UBT) मुंबई में अपना प्रभाव दोबारा मजबूत करने की कोशिश में हैं। उन्होंने अपने चचेरे भाई राज ठाकरे (मनसे) के साथ गठबंधन किया है, जो दो दशकों बाद ठाकरे परिवार की एकता का प्रतीक है। यह गठबंधन मुख्य रूप से मराठी मतदाताओं को एकजुट करने और मुंबई की सांस्कृतिक पहचान बचाने पर फोकस कर रहा है।
- भाजपा-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन (महायुति): पिछले साल के विधानसभा चुनाव में महायुति के शानदार प्रदर्शन के बाद यह गठबंधन अपनी बढ़त को और मजबूत करना चाहता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने मुंबई में जोरदार प्रचार किया। भाजपा ने 137 सीटों पर, शिवसेना (शिंदे) ने 90 पर उम्मीदवार उतारे हैं। फडणवीस ने दावा किया है कि राज ठाकरे इस गठबंधन से सबसे ज्यादा नुकसान में रहेंगे।
आज के प्रमुख अपडेट्स (लाइव ट्रेंड्स के आधार पर)
- मतदान सुचारू रूप से चल रहा है, हालांकि कुछ जगहों पर EVM से जुड़ी छोटी-मोटी शिकायतें आई हैं (जैसे पुणे में)।
- सेलिब्रिटीज और नेता वोट डाल चुके हैं: सचिन तेंदुलकर, आनjali तेंदुलकर और बेटी सारा ने वोट डाला। अभिनेत्री सान्या मल्होत्रा, गुलजार जैसे नाम भी पोलिंग बूथ पहुंचे।
- ठाकरे गठबंधन ने संयुक्त रैलियां कीं, जहां उद्धव और राज ने “मुंबई बचाओ” और मराठी अस्मिता पर जोर दिया।
- महायुति नेताओं ने “विकसित मुंबई” और “भ्रष्टाचार मुक्त” शासन का वादा किया। भाजपा नेता आशीष शेलार ने कहा कि ठाकरे की “भ्रष्ट पार्टी” को सबक सिखाने का मौका है।
- सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: मुंबई में भारी पुलिस बल तैनात, कोई बड़ी घटना नहीं।
- वोटर टर्नआउट: शुरुआती रिपोर्ट्स में अच्छी संख्या दिख रही है, खासकर उपनगरीय इलाकों में।
क्यों है यह चुनाव इतना अहम?
बीएमसी का बजट कई छोटे राज्यों से बड़ा है (74,000 करोड़ से ज्यादा)। यहां जीत मुंबई की सड़कें, पानी, सफाई और विकास पर सीधा असर डालती है। ठाकरे परिवार के लिए यह प्रतिष्ठा की लड़ाई है, जबकि महायुति के लिए राज्य में अपनी सत्ता मजबूत करने का मौका।





