नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में रसोई गैस (LPG) की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। होटल-रेस्तरां, ढाबों और छोटे खाद्य व्यवसायों में गैस की कमी के कारण संचालन पर असर पड़ने लगा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और गैस आयात में बाधा के कारण यह स्थिति पैदा हुई है।
कई शहरों में गैस सप्लाई बाधित
मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई और दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में कमर्शियल LPG सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। होटल, रेस्तरां और कैटरिंग व्यवसाय सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कई जगहों पर सिलेंडर की डिलीवरी में 2 से 8 दिन तक की देरी हो रही है।
कुछ शहरों में गैस की कमी इतनी बढ़ गई है कि छोटे होटल और सड़क किनारे खाने के स्टॉल को अस्थायी रूप से बंद करने की नौबत आ गई है। उद्योग संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो खाद्य उद्योग पर बड़ा असर पड़ सकता है।
सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें
देश के कई राज्यों में लोगों ने बताया कि गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी लाइनें लग रही हैं। उपभोक्ताओं को डर है कि आने वाले दिनों में गैस की कमी और बढ़ सकती है, इसलिए लोग अग्रिम बुकिंग कराने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि सरकार ने लोगों से घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर जमा न करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त गैस उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पाइप गैस (PNG) सप्लाई पर भी दबाव
गैस की कमी का असर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और अन्य गैस आधारित सेवाओं पर भी पड़ सकता है। सरकार ने घरेलू उपयोग, CNG और LPG उत्पादन को प्राथमिकता देने का फैसला किया है, जबकि उद्योगों और अन्य क्षेत्रों को सीमित गैस सप्लाई दी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत अपनी गैस जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है, और वैश्विक आपूर्ति बाधित होने से देश में गैस वितरण पर दबाव बढ़ गया है।
पश्चिम एशिया संकट बना बड़ा कारण
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और समुद्री मार्गों में बाधा के कारण गैस और LPG की आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत बड़ी मात्रा में LPG का आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में संकट का सीधा असर घरेलू सप्लाई पर पड़ता है।
कीमतों में भी बढ़ोतरी
हाल ही में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में लगभग 60 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद कई महानगरों में 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर लगभग 900 रुपये से अधिक का हो गया है।
सरकार ने उठाए ये कदम
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार और तेल कंपनियों ने कई कदम उठाए हैं:
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घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सप्लाई को प्राथमिकता
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रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का निर्देश
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गैस वितरण की निगरानी के लिए विशेष समिति
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कालाबाजारी और जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई
सरकार का कहना है कि घरेलू गैस उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके लिए सप्लाई बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
आगे क्या हो सकता है
विशेषज्ञों के अनुसार यदि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं होती तो होटल-रेस्तरां उद्योग, खाद्य व्यवसाय और छोटे दुकानदारों को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इससे खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी असर पड़ने की संभावना है।






