नई दिल्ली, 14 फरवरी 2026: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सोना और चांदी से जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (Gold & Silver ETFs) के ट्रेडिंग नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव का प्रस्ताव रखा है। हाल के दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव (हाई वोलेटिलिटी) के कारण मौजूदा प्राइस बैंड्स अपर्याप्त साबित हो रहे थे, जिससे ETF की मार्केट प्राइस और उनके अंडरलाइंग एसेट्स (बुलियन) के बीच बड़ा गैप आ रहा था। इस समस्या को दूर करने के लिए SEBI ने 13 फरवरी 2026 को एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया, जिसमें बड़े बदलाव सुझाए गए हैं।
मुख्य प्रस्तावित बदलाव क्या हैं?
- प्राइस बैंड्स में डायनेमिक सिस्टम: अब तक ETFs के लिए फिक्स्ड प्राइस बैंड (±20%) का इस्तेमाल होता था, जो T-2 दिन के NAV पर आधारित था। अब SEBI ने T-1 दिन के इंडिकेटिव NAV (iNAV) या क्लोजिंग प्राइस को बेस बनाने का सुझाव दिया है, ताकि एक दिन का लैग खत्म हो और प्राइस ज्यादा करंट मार्केट से जुड़े रहें।
- सोना-चांदी ETFs के लिए स्पेशल नियम:
- इन ETFs के लिए फिक्स्ड बैंड्स पूरी तरह हटाने का प्रस्ताव।
- इसके बजाय कमोडिटी डेरिवेटिव्स के डेली प्राइस लिमिट्स से मैच करने वाले डायनेमिक बैंड्स लगेंगे।
- शुरुआती बैंड ±6% प्रस्तावित, जो इंट्राडे में स्टेज्ड तरीके से ±20% तक फ्लेक्स हो सकता है (कूलिंग-ऑफ पीरियड के साथ)।
- गोल्ड/सिल्वर के लिए अलग प्री-ओपन सेशन: चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी 24 घंटे ट्रेड होते हैं, लेकिन भारतीय ETFs सिर्फ मार्केट ऑवर्स में, इसलिए SEBI ने अलग प्री-ओपन सेशन शुरू करने का सुझाव दिया है ताकि ओपनिंग प्राइस बेहतर अलाइन हो।
SEBI ने कहा है, “हाल की हाई वोलेटिलिटी को देखते हुए मौजूदा प्राइस बैंड्स अंडरलाइंग एसेट्स से अलाइनमेंट सुनिश्चित करने में नाकाफी साबित हुए हैं।” यह बदलाव निवेशकों को बेहतर प्राइस डिस्कवरी, कम मिसप्राइसिंग और ज्यादा सुरक्षित ट्रेडिंग देगा।
निवेशकों में क्यों हलचल?
- पिछले कुछ महीनों में गोल्ड और सिल्वर ETFs में रिकॉर्ड इनफ्लो देखा गया है (जनवरी 2026 में गोल्ड ETFs में ₹24,000 करोड़+ और सिल्वर में ₹9,000 करोड़+), क्योंकि निवेशक फिजिकल गोल्ड से शिफ्ट होकर रेगुलेटेड ETFs में आ रहे हैं।
- नए नियम लागू होने पर ट्रेडिंग ज्यादा वोलेटाइल लेकिन ट्रांसपेरेंट हो सकती है, जिससे शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स प्रभावित हो सकते हैं।
- SEBI ने पब्लिक कमेंट्स मांगे हैं, यानी जल्द ही फाइनल नियम आ सकते हैं।
यह प्रस्ताव बाजार को और मजबूत बनाने की दिशा में SEBI का महत्वपूर्ण कदम है। निवेशक सलाह: अगर आप गोल्ड/सिल्वर ETFs में निवेश करते हैं, तो इन बदलावों पर नजर रखें और लॉन्ग-टर्म होल्डिंग को प्राथमिकता दें। अधिक जानकारी के लिए SEBI की ऑफिशियल वेबसाइट चेक करें।






