जयपुर में दिल दहला देने वाली घटना: नौ साल की छात्रा अमायरा के सुसाइड मामले में स्कूल मालिक, प्रिंसिपल और टीचर आरोपी
जयपुर, 23 फरवरी 2026: राजस्थान की राजधानी जयपुर में पिछले साल नवंबर 2025 में हुई एक बेहद दुखद घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया था। नीरजा मोदी स्कूल की कक्षा 4 में पढ़ने वाली 9 वर्षीय छात्रा अमायरा ने 1 नवंबर 2025 को स्कूल की बिल्डिंग की चौथी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी थी। घटना के बाद बुलिंग (छेड़छाड़ और मानसिक प्रताड़ना) तथा स्कूल प्रशासन की लापरवाही के गंभीर आरोप लगे थे।
पुलिस जांच और CBSE की रिपोर्ट में सामने आया कि अमायरा को पिछले 18 महीनों से क्लासमेट्स द्वारा लगातार बुरे शब्दों, अपमानजनक भाषा और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था। छात्रा ने कई बार अपनी क्लास टीचर से मदद मांगी, यहां तक कि घटना वाले दिन भी वह 45 मिनट से अधिक समय तक टीचर के पास गुहार लगाती रही, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। CCTV फुटेज में देखा गया कि अमायरा ने रेलिंग फांदकर लगभग 48 फीट नीचे गिरकर गंभीर चोटें आईं और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
परिवार का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने छात्रा की शिकायतों को बार-बार नजरअंदाज किया, उसे डांटा और क्लासमेट्स के साथ ‘एडजस्ट’ करने को कहा। CBSE जांच में स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था, बच्चे की सुरक्षा नीतियों और निगरानी में बड़ी खामियां पाई गईं, जिसके बाद स्कूल की मान्यता भी रद्द की गई थी।
ताजा अपडेट: जयपुर पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट में स्कूल मालिक सौरभ मोदी, प्रिंसिपल इंदु दुबे और क्लास टीचर पूनीता शर्मा को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 (लापरवाही से मौत का कारण बनना) और 238 (नाबालिग से संबंधित अपराध) के तहत केस दर्ज किया है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने लिए और CCTV फुटेज का गहन विश्लेषण किया।
यह मामला मीडिया और जांच एजेंसियों की सक्रियता के बाद आगे बढ़ा, जिसमें स्कूल की ओर से कथित तौर पर घटनास्थल को साफ करने की कोशिश भी सामने आई थी। अमायरा के माता-पिता न्याय की मांग कर रहे हैं और इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा तथा बुलिंग रोकथाम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।






