नई दिल्ली/मुंबई। भारतीय रुपया आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जबरदस्त मजबूती दिखाते हुए 129 पैसे (1.29%) की छलांग लगाई और 90.20 के स्तर पर पहुंच गया। यह पिछले तीन सालों में रुपए की सबसे बड़ी एक दिवसीय बढ़त है।
इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया पिछले सत्र के 91.49 के बंद स्तर से खुलते ही तेजी से मजबूत हुआ और दिन के दौरान 90.20 तक पहुंच गया। यह उछाल मुख्य रूप से भारत-अमेरिका के बीच हाल ही में हुई ऐतिहासिक ट्रेड डील के बाद आया है, जिसमें अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया। इस डील के तहत भारत ने रूसी तेल आयात कम करने का संकेत दिया था, जिससे अमेरिकी बाजार में भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और विदेशी मुद्रा प्रवाह में सुधार की उम्मीद जगी है।
2025 में रुपया एशियाई मुद्राओं में सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली करेंसी रहा था, जब यह कई बार 92 के पार पहुंच गया था। जनवरी 2026 में भी यह रिकॉर्ड निचले स्तर 92.29 तक छू चुका था। लेकिन फरवरी की शुरुआत में ट्रेड डील के असर से रुपए में आई यह तेज रिकवरी निवेशकों के बीच उत्साह पैदा कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मजबूती जारी रह सकती है, क्योंकि कम टैरिफ से निर्यात बढ़ेगा, विदेशी पूंजी का प्रवाह आएगा और तेल आयात पर निर्भरता में संतुलन बनेगा। हालांकि, वैश्विक स्तर पर डॉलर की स्थिति और तेल की कीमतें रुपए की दिशा तय करेंगी।






