आज, 26 जनवरी 2026 को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे जोश, उत्साह और गरिमा के साथ मना रहा है। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन हो रहा है, जहां पूरी दुनिया भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता, लोकतांत्रिक मूल्यों और आत्मनिर्भरता की झलक देख रही है।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस की मुख्य थीम ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ पर केंद्रित यह थीम स्वतंत्रता संग्राम, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रप्रेम को जीवंत रूप से प्रदर्शित कर रही है। परेड में ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ पर आधारित झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।
मुख्य अतिथि के रूप में पहली बार यूरोपीय संघ (EU) के शीर्ष नेता आमंत्रित किए गए हैं – यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन। उनकी उपस्थिति भारत-EU के बीच मजबूत संबंधों और व्यापारिक साझेदारी (खासकर ट्रंप टैरिफ के दौर में ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ की चर्चा) को रेखांकित करती है।
परेड की कुछ प्रमुख झलकियां:
- कुल 30 झांकियां – 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 13 मंत्रालयों/विभागों की।
- विशेष झांकी ‘संग्राम से राष्ट्र निर्माण तक’ – पूर्व सैनिकों को समर्पित, जिसमें 1965, 1971 युद्धों और कारगिल विजय के 3D मॉडल (टैंक, विमान, जहाज), अमर जवान ज्योति, और राष्ट्र निर्माण में पूर्व सैनिकों की भूमिका (बाढ़ राहत, शिक्षा, मेक इन इंडिया) दिखाई गई है।
- Mi-17 हेलीकॉप्टर फूल बरसाते हुए उड़ान भरेंगे।
- सैन्य प्रदर्शन में ब्रह्मोस-आकाश मिसाइल, लड़ाकू विमान और अन्य आधुनिक हथियार शामिल।
- लगभग 10,000 विशेष अतिथि – वैज्ञानिक, खिलाड़ी, किसान, महिला उद्यमी, स्टार्टअप फाउंडर, कारीगर, दिव्यांगजन, जनजातीय प्रतिनिधि और योजनाओं के लाभार्थी।
- परेड का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार (दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग) कर रहे हैं।
- पहली बार EU की सैन्य टुकड़ी भी परेड में भाग ले रही है।
सुरक्षा व्यवस्था बहुस्तरीय और अत्याधुनिक है – 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी, AI-आधारित स्मार्ट ग्लास, हजारों CCTV, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम, वीडियो एनालिटिक्स और सख्त SOP लागू।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली।
आज, 26 जनवरी 2026 को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे जोश, उत्साह और गरिमा के साथ मना रहा है। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन हो रहा है, जहां पूरी दुनिया भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता, लोकतांत्रिक मूल्यों और आत्मनिर्भरता की झलक देख रही है।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस की मुख्य थीम ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ पर केंद्रित यह थीम स्वतंत्रता संग्राम, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रप्रेम को जीवंत रूप से प्रदर्शित कर रही है। परेड में ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ पर आधारित झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।
मुख्य अतिथि के रूप में पहली बार यूरोपीय संघ (EU) के शीर्ष नेता आमंत्रित किए गए हैं – यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन। उनकी उपस्थिति भारत-EU के बीच मजबूत संबंधों और व्यापारिक साझेदारी (खासकर ट्रंप टैरिफ के दौर में ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ की चर्चा) को रेखांकित करती है।
परेड की कुछ प्रमुख झलकियां:
- कुल 30 झांकियां – 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 13 मंत्रालयों/विभागों की।
- विशेष झांकी ‘संग्राम से राष्ट्र निर्माण तक’ – पूर्व सैनिकों को समर्पित, जिसमें 1965, 1971 युद्धों और कारगिल विजय के 3D मॉडल (टैंक, विमान, जहाज), अमर जवान ज्योति, और राष्ट्र निर्माण में पूर्व सैनिकों की भूमिका (बाढ़ राहत, शिक्षा, मेक इन इंडिया) दिखाई गई है।
- Mi-17 हेलीकॉप्टर फूल बरसाते हुए उड़ान भरेंगे।
- सैन्य प्रदर्शन में ब्रह्मोस-आकाश मिसाइल, लड़ाकू विमान और अन्य आधुनिक हथियार शामिल।
- लगभग 10,000 विशेष अतिथि – वैज्ञानिक, खिलाड़ी, किसान, महिला उद्यमी, स्टार्टअप फाउंडर, कारीगर, दिव्यांगजन, जनजातीय प्रतिनिधि और योजनाओं के लाभार्थी।
- परेड का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार (दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग) कर रहे हैं।
- पहली बार EU की सैन्य टुकड़ी भी परेड में भाग ले रही है।
सुरक्षा व्यवस्था बहुस्तरीय और अत्याधुनिक है – 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी, AI-आधारित स्मार्ट ग्लास, हजारों CCTV, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम, वीडियो एनालिटिक्स और सख्त SOP लागू।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली।






