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March 7, 2026 5:01 pm

RBI का बड़ा ऐलान: छोटे डिजिटल फ्रॉड पर 25 हजार तक राहत, ड्राफ्ट जारी – 6 अप्रैल तक फीडबैक भेजें

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आरबीआई ने डिजिटल फ्रॉड से प्रभावित ग्राहकों को बड़ी राहत देने का प्रस्ताव रखा है। केंद्रीय बैंक ने ‘कस्टमर लायबिलिटी इन डिजिटल ट्रांजैक्शंस’ पर एक नया ड्राफ्ट फ्रेमवर्क जारी किया है, जिसमें छोटे मूल्य के डिजिटल फ्रॉड मामलों में पीड़ितों को मुआवजा देने का प्रावधान है।

मुख्य बातें क्या हैं?

  • फ्रॉड की सीमा: यदि किसी ग्राहक को डिजिटल बैंकिंग फ्रॉड (जैसे UPI, इंटरनेट बैंकिंग, कार्ड ट्रांजेक्शन) में 50,000 रुपये तक का नुकसान होता है, तो उसे 85% राशि या अधिकतम 25,000 रुपये (जो भी कम हो) तक का मुआवजा मिल सकता है।
  • एक बार की सुविधा: यह मुआवजा किसी व्यक्ति को जीवन में केवल एक बार ही मिलेगा।
  • शर्तें:
    • फ्रॉड की शिकायत 5 दिनों के अंदर बैंक और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल या हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज करानी होगी।
    • ग्राहक की कुछ लापरवाही (जैसे OTP शेयर करना) होने पर भी राहत मिल सकती है, लेकिन समय पर रिपोर्टिंग जरूरी है।
  • मुआवजे का स्रोत: आरबीआई 65% राशि कवर करेगा, बैंक 20% और बाकी व्यवस्था के तहत। यह शुरुआत में एक साल के लिए है, बाद में समीक्षा होगी।
  • लागू होने की तारीख: नए नियम 1 जुलाई 2026 से लागू होंगे।

आरबीआई के अनुसार, देश में होने वाले करीब 65% बैंकिंग फ्रॉड 50,000 रुपये से कम के होते हैं। इस ड्राफ्ट का मकसद ग्राहकों का भरोसा बढ़ाना और शिकायतों का तेजी से निपटारा करना है।

फीडबैक के लिए समय

यह एक ड्राफ्ट है, इसलिए आरबीआई ने हितधारकों से 6 अप्रैल 2026 तक सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं। आप आधिकारिक RBI वेबसाइट पर जाकर डिटेल्स देख सकते हैं और फीडबैक भेज सकते हैं।

यह कदम डिजिटल पेमेंट्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच ग्राहक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। अगर आपके साथ ऐसा कोई मामला हुआ है, तो तुरंत रिपोर्ट करें!

DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

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