भारतीय शेयर बाजार में हालिया गिरावट के बीच मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के डायरेक्टर और मशहूर निवेशक रामदेव अग्रवाल ने एक बड़ा और आशावादी बयान दिया है। मनीकंट्रोल ग्लोबल वेल्थ समिट 2026 में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर बाजार और 10 प्रतिशत गिरता है, तो अगले 5 सालों में 17-18 प्रतिशत सालाना कंपाउंड रिटर्न (CAGR) मिलने की मजबूत संभावना है। उनका यह बयान उन निवेशकों के लिए राहत की तरह आया है जो पिछले कुछ महीनों से बाजार की गिरावट से परेशान हैं और अब सोच रहे हैं कि क्या अब खरीदना चाहिए या इंतजार करना चाहिए।
रामदेव अग्रवाल ने क्या कहा? समिट में रामदेव अग्रवाल ने साफ शब्दों में कहा, “वर्तमान वैल्यूएशन में बाजार पहले से ही काफी करेक्शन दे चुका है। अगर Nifty और Sensex में और 8-10 प्रतिशत की गिरावट आती है, तो यह निवेशकों के लिए सुनहरा मौका होगा। ऐतिहासिक डेटा देखें तो ऐसे वैल्यूएशन लेवल पर पिछले 20-25 सालों में 5 साल के रोलिंग रिटर्न औसतन 17-18 प्रतिशत से ज्यादा रहे हैं। यह समय घबराने का नहीं, बल्कि सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट और क्वालिटी स्टॉक्स में पैसा लगाने का है।”
उन्होंने आगे कहा कि बाजार में अभी भी कई सेक्टर्स – जैसे बैंकिंग, FMCG, IT, और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स – में वैल्यूएशन आकर्षक हो गए हैं। रामदेव अग्रवाल ने खासतौर पर मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स पर फोकस करने की सलाह दी, जहां गिरावट ज्यादा गहरी रही है और रिकवरी की संभावना भी ज्यादा है।
बाजार की मौजूदा स्थिति 15 मार्च 2026 तक Nifty 50 लगभग 21,800-22,000 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो अपने ऑल-टाइम हाई (26,277) से 16-17 प्रतिशत नीचे है। Sensex भी 72,000 के नीचे आ चुका है। पिछले 6-8 महीनों में FIIs ने भारतीय बाजार से लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये निकाले हैं, जिससे गिरावट तेज हुई। हालांकि, DIIs और रिटेल निवेशकों ने इस गिरावट में खरीदारी की है, जिससे बाजार पूरी तरह क्रैश नहीं हुआ।
क्यों मिल सकते हैं 17-18% रिटर्न? रामदेव अग्रवाल ने अपने तर्क में कुछ मुख्य पॉइंट्स दिए:
- कम वैल्यूएशन: Nifty का PE रेशियो अब 19-20 के आसपास है, जो लॉन्ग-टर्म एवरेज से नीचे है।
- आर्थिक ग्रोथ: भारत की GDP ग्रोथ 6.5-7% रहने की उम्मीद है, जो इक्विटी रिटर्न को सपोर्ट करेगी।
- कॉर्पोरेट अर्निंग ग्रोथ: अगले 5 सालों में कंपनियों की कमाई 12-15% CAGR से बढ़ सकती है।
- ऐतिहासिक पैटर्न: 2008, 2011, 2020 जैसी गिरावटों के बाद 5 साल में 18-25% रिटर्न आए हैं।
उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि SIP जारी रखें, लंपसम में भी क्वालिटी स्टॉक्स में पैसा लगाएं, और पोर्टफोलियो रीबैलेंस करें।
निवेशकों की प्रतिक्रिया रामदेव अग्रवाल के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और निवेश फोरम पर चर्चा छिड़ गई है। कई रिटेल निवेशक लिख रहे हैं:
- “अगर 10% और गिरा तो मैं फुल इन्वेस्ट कर दूंगा!”
- “रामदेव जी की बात पर भरोसा है, SIP बढ़ा दिया।”
- “अभी डर लग रहा है, लेकिन 5 साल का होराइजन है तो मौका लग रहा है।”
दूसरी तरफ कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि गिरावट का सटीक लेवल कोई नहीं बता सकता, इसलिए टाइम इन मार्केट ज्यादा महत्वपूर्ण है बजाय टाइमिंग द मार्केट के।
निष्कर्ष में रामदेव अग्रवाल का यह बयान उन निवेशकों के लिए बड़ा संदेश है जो बाजार की गिरावट से डरे हुए हैं। अगर बाजार और 10% गिरता है, तो यह न सिर्फ खरीदने का मौका होगा, बल्कि अगले 5 सालों में शानदार रिटर्न की संभावना भी बढ़ जाएगी। विशेषज्ञों की सलाह है कि घबराएं नहीं, बल्कि क्वालिटी कंपनियों में सिस्टेमेटिक तरीके से निवेश जारी रखें। बाजार की यह गिरावट भले ही दर्द दे रही हो, लेकिन रामदेव अग्रवाल के अनुसार – यही वह मौका है जो लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन करता है।






