
PM2.5 का स्तर WHO मानकों से ज्यादा, मानसरोवर सबसे प्रदूषित
शहर में PM2.5 का स्तर 75 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया है। यह मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन की निर्धारित सीमा से करीब पांच गुना अधिक बताई जा रही है। PM2.5 के अधिक स्तर से सांस संबंधी बीमारियों, आंखों में जलन और एलर्जी की समस्या बढ़ सकती है। जयपुर के मानसरोवर जैसे क्षेत्रों में AQI करीब 196 दर्ज किया गया, जिससे ये इलाके शहर के अधिक प्रदूषित क्षेत्रों में शामिल हो गए हैं। यहां रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
भिवाड़ी में 330 तक पहुंचा एक्यूआई गंगानगर और दौसा में भी खराब
जयपुर के आसपास के शहरों में भी हवा की हालत चिंताजनक बनी हुई है। भिवाड़ी में AQI 330 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब से खतरनाक श्रेणी में आता है। चूरू और श्रीगंगानगर में AQI 240 रहा, जिसे गंभीर श्रेणी में रखा गया है। वहीं दौसा में AQI 142 दर्ज हुआ, जो खराब श्रेणी में है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ता शहरीकरण, औद्योगिक गतिविधियां और वाहनों की संख्या में लगातार इजाफा जयपुर में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं।






