नई दिल्ली, 16 फरवरी 2026: ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! भारतीय रेलवे ने बर्थ आवंटन सिस्टम में महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जिससे वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। रेलवे ने ऑन-बोर्ड स्टाफ (ट्रेन में तैनात स्टाफ) के लिए आरक्षित बर्थ प्रणाली में कटौती करते हुए 2016 और 2018 में जारी किए गए पुराने सर्कुलरों को पूरी तरह रद्द कर दिया है।
यह फैसला यात्रियों की सुविधा, संसाधनों के बेहतर उपयोग और रेलवे की आय बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। अब एसी फर्स्ट क्लास और एसी सेकंड क्लास में स्टाफ के नाम पर कोई भी बर्थ ब्लॉक नहीं की जाएगी। ये सभी सीटें सामान्य यात्रियों को उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे कन्फर्मेशन की संभावना बढ़ेगी और वेटिंग टिकट वालों को ज्यादा मौके मिलेंगे।
क्या बदला है?
- पहले 2016 और 2018 के सर्कुलर के तहत ट्रेन में तैनात कुछ स्टाफ (जैसे एसी और वेंडिंग स्टाफ) को फर्स्ट और सेकंड एसी में बर्थ आरक्षित मिलती थीं।
- अब ये बर्थें रद्द हो गई हैं। स्टाफ को अब इन क्लासेस में कोई आरक्षित सीट नहीं मिलेगी।
- रेलवे बोर्ड के निदेशक (पैसेंजर मार्केटिंग) द्वारा जारी ताजा निर्देशों के अनुसार, पुराने सभी आदेश निरस्त कर दिए गए हैं।
- नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
यात्रियों को क्या फायदा?
- प्रीमियम कोच (एसी फर्स्ट और सेकंड) में ज्यादा सीटें उपलब्ध होने से कन्फर्म टिकट आसानी से मिल सकेंगे।
- वेटिंग लिस्ट और RAC वाले यात्रियों की कन्फर्मेशन की संभावना बढ़ेगी, खासकर पीक सीजन में।
- रेलवे को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, क्योंकि ये सीटें यात्रियों को बेची जा सकेंगी।
- संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, जिससे ट्रेनों में खाली बर्थ कम होंगी।






