भारतीय रेलवे में बड़ा बदलाव! 1 मार्च 2026 से UTS ऐप पूरी तरह बंद, अब RailOne ऐप से होगी टिकट बुकिंग
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए डिजिटल टिकटिंग सिस्टम में महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। 1 मार्च 2026 से पुराना UTS (Unreserved Ticketing System) मोबाइल ऐप देशभर में बंद कर दिया जाएगा। इसकी जगह अब RailOne नाम का नया सुपर ऐप लेगा, जो अनारक्षित टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट, सीजन टिकट से लेकर अन्य कई सेवाओं को एक ही जगह उपलब्ध कराएगा।
मुख्य बदलाव क्या हैं?
- UTS ऐप बंद: 1 मार्च से UTS ऐप से जनरल टिकट, प्लेटफॉर्म पास या मंथली सीजन टिकट (MST) बुक या रिन्यू नहीं किए जा सकेंगे। यात्रियों को अब RailOne ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा।
- RailOne ऐप की सुविधाएं: यह एक ऑल-इन-वन ऐप है, जिसमें अनारक्षित टिकट बुकिंग के अलावा लाइव ट्रेन ट्रैकिंग, ई-कैटरिंग, अन्य रेलवे सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पुराने UTS या IRCTC Rail Connect यूजर्स अपने क्रेडेंशियल्स से ही लॉगिन कर सकते हैं, नया अकाउंट बनाने की जरूरत नहीं।
- वेटिंग टिकट पर असर: अनारक्षित (जनरल) टिकटों में वेटिंग की सुविधा RailOne ऐप में भी जारी रहेगी, लेकिन अब बुकिंग इसी ऐप से होगी। रिजर्व्ड टिकटों के लिए IRCTC ऐप/वेबसाइट पहले की तरह काम करेगी।
- लगेज नियम: लगेज और एक्स्ट्रा सामान के नियमों में कोई बड़ा बदलाव नहीं बताया गया है। यात्रियों को पहले की तरह नियमों का पालन करना होगा, जैसे अधिकतम फ्री लगेज लिमिट (सामान्यतः 35-70 किलो क्लास के अनुसार) और एक्स्ट्रा चार्जेस। RailOne ऐप में लगेज संबंधी जानकारी भी उपलब्ध हो सकती है।
- आधार वेरिफिकेशन: हाल के महीनों में IRCTC ने आधार-वेरिफाइड यूजर्स को ARP (एडवांस रिजर्वेशन पीरियड) के पहले दिन टिकट बुकिंग में प्राथमिकता दी है। RailOne ऐप में भी आधार लिंक्ड अकाउंट्स को लाभ मिल सकता है, लेकिन अनारक्षित टिकटों के लिए यह अनिवार्य नहीं है।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे समय रहते RailOne ऐप डाउनलोड कर लें और UTS से माइग्रेट करें, ताकि 1 मार्च के बाद किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। यह बदलाव डिजिटल इंडिया और एकीकृत सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे यात्रा और आसान हो जाएगी।






