ईरान के साथ चल रहे सैन्य तनाव के बीच अमेरिका को बड़ा झटका लगने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस संघर्ष के दौरान अमेरिका के 16 सैन्य विमान नष्ट हो गए हैं। इस खबर के सामने आने के बाद अमेरिका की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं, वहीं पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुराने दावे भी फिर से चर्चा में आ गए हैं, जिनमें उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर बड़े-बड़े बयान दिए थे।
सूत्रों के अनुसार, हाल के सैन्य टकराव में अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर कई हवाई हमले किए थे। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी मजबूत प्रतिरोध किया, जिसके चलते अमेरिकी वायुसेना को नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि अमेरिकी रक्षा विभाग की तरफ से आधिकारिक रूप से सभी आंकड़ों की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया में 16 विमानों के नुकसान की खबर तेजी से फैल रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर यह दावा सही साबित होता है तो यह अमेरिका के लिए बड़ा सैन्य और राजनीतिक झटका माना जाएगा। खासतौर पर इसलिए क्योंकि अमेरिका लंबे समय से खुद को दुनिया की सबसे मजबूत सैन्य शक्ति बताता रहा है।
इस पूरे मामले में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम भी चर्चा में आ गया है। ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर दावा किया था कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान पर भारी पड़ेगा और उसकी सैन्य ताकत को कमजोर कर देगा। अब ताजा रिपोर्ट्स सामने आने के बाद विपक्षी नेता और राजनीतिक विशेषज्ञ ट्रंप के उन दावों पर सवाल उठा रहे हैं।
अमेरिका के अंदर भी इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। कुछ नेताओं का कहना है कि सरकार को सच सामने लाना चाहिए, जबकि अन्य नेताओं का मानना है कि युद्ध जैसी स्थिति में कई बार गलत सूचनाएं भी फैलती हैं, इसलिए आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना जरूरी है।
उधर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस खबर के बाद हलचल बढ़ गई है। मध्य-पूर्व के हालात पहले से ही तनावपूर्ण हैं और अगर अमेरिका को भारी नुकसान हुआ है तो इसका असर वैश्विक राजनीति और तेल बाजार पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल पेंटागन की ओर से विस्तृत बयान आने का इंतजार किया जा रहा है। जब तक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती, तब तक 16 विमानों के नष्ट होने के दावे को लेकर बहस जारी रहने की संभावना है।






