शहर में एक बड़े आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो बेरोजगार लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर उन्हें अवैध गतिविधियों में धकेलने का काम कर रहा था। पुलिस की विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए इस संगठित रैकेट का भंडाफोड़ किया और मुख्य आरोपी समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह सोशल मीडिया, जॉब पोर्टल्स और मोबाइल कॉल्स के जरिए युवतियों को अच्छी सैलरी और सुरक्षित नौकरी का लालच देता था। शुरुआत में उन्हें भरोसे में लेने के लिए इंटरव्यू और फर्जी नियुक्ति प्रक्रिया भी कराई जाती थी। लेकिन जब लड़कियां इनके जाल में फंस जाती थीं, तो उन पर दबाव बनाकर गलत काम करने के लिए मजबूर किया जाता था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी न केवल लड़कियों को धमकाते थे, बल्कि उनके निजी दस्तावेज और फोटो का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए भी करते थे। कई मामलों में पीड़ितों को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का भी सामना करना पड़ा।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए हैं, जिनमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज और संदिग्ध लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं। इन सबूतों के आधार पर गिरोह के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है, जिससे और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई शहरों में इसका नेटवर्क फैला हुआ हो सकता है। फिलहाल, पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट से कितनी लड़कियां प्रभावित हुई हैं और इसके पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस ने आम जनता, खासकर युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी अनजान जॉब ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच करें। संदिग्ध गतिविधि या ऑफर मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते ऐसे गिरोहों पर कार्रवाई की जा सके।
यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि नौकरी की तलाश में सतर्क रहना कितना जरूरी है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ितों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।







