राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पश्चिम बंगाल के अपने हालिया दौरे के दौरान एक विवादास्पद बयान दिया है, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को “ममता दीदी” या “छोटी बहन” बताते हुए पूछा- “ममता दीदी नाराज हैं क्या?” यह बयान 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाली सम्मेलन (International Santhal Conclave) के दौरान आया, जहां राष्ट्रपति ने कार्यक्रम में व्यवस्थाओं की कमी, जगह बदलने और मुख्यमंत्री या किसी मंत्री के न आने पर नाराजगी जताई।
क्या हुआ था विवाद?
राष्ट्रपति मुर्मू शनिवार को उत्तर बंगाल (दार्जिलिंग/सिलीगुड़ी क्षेत्र) में संथाल समुदाय के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने कहा:
- कार्यक्रम की जगह आखिरी समय में बदल दी गई, जिससे संथाल लोग पहुंच नहीं पाए।
- जगह छोटी और दूर थी, जबकि पहले वाली जगह में 5 लाख लोग आसानी से आ सकते थे।
- मैं भी बंगाल की बेटी हूं, ममता दीदी मेरी छोटी बहन जैसी हैं। मुझे नहीं पता कि वह मुझसे नाराज हैं, इसलिए ऐसा हुआ।
- आमतौर पर राष्ट्रपति के दौरे पर मुख्यमंत्री और मंत्री स्वागत के लिए आते हैं, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने संथाल समुदाय की स्थिति पर भी दुख जताया और कहा कि ऐसा लगता है जैसे प्रशासन चाहता था कि कोई न आए और राष्ट्रपति लौट जाएं।
PM मोदी का हमला
इस बयान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे “शर्मनाक और अभूतपूर्व” बताया और कहा:
- TMC सरकार ने राष्ट्रपति का अपमान किया, जो आदिवासी समुदाय से हैं।
- यह संविधान, लोकतंत्र और आदिवासी अस्मिता का अपमान है।
- TMC का सत्ता का घमंड जल्द चूर-चूर हो जाएगा।
- देश और नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी।
- बंगाल के लोग TMC को माफ नहीं करेंगे।
पीएम मोदी ने महिला दिवस पर भी इस मुद्दे को उठाया और TMC पर “आदिवासी विरोधी” होने का आरोप लगाया।
ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया
ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए राष्ट्रपति पर “राजनीति करने” और “बीजेपी का एजेंट” होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा:
- प्रोटोकॉल की कोई कमी नहीं थी, कार्यक्रम निजी आयोजकों का था।
- बीजेपी चुनाव से पहले बंगाल को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति का इस्तेमाल कर रही है।
- उन्होंने पुरानी तस्वीर शेयर की जिसमें पीएम मोदी बैठे हैं और राष्ट्रपति खड़ी हैं, ताकि “अपमान” के आरोप को उल्टा दिखाएं।






