नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25-26 फरवरी 2026 को इजरायल की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर जा रहे हैं। यह उनकी 2017 के बाद दूसरी यात्रा है और ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की सफल सैन्य कार्रवाई) के बाद पहली प्रमुख विदेश यात्रा है, जिसमें डिफेंस और स्ट्रैटेजिक सहयोग पर फोकस रहेगा।
ऑपरेशन सिंदूर ने सामरिक हालात पूरी तरह बदल दिए हैं। इस चार दिवसीय संघर्ष में भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों और एयरफील्ड्स पर गहराई तक सटीक हमले किए, जिसमें इजरायली मूल के हथियारों जैसे Rampage मिसाइल, Harop और Harpy लूटेरिंग मुनिशन (कामिकेज़ ड्रोन), Palm 400 सिस्टम और SPICE गाइडेड बमों का सफल इस्तेमाल हुआ। इन हथियारों ने पाकिस्तान के चीनी निर्मित एयर डिफेंस सिस्टम को लगभग नेस्तनाबूद कर दिया और इस्लामाबाद तक पहुंच बनाई।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पिछले साल अगस्त में NDTV को दिए इंटरव्यू में खुलासा किया था कि इजरायली उपकरणों ने ऑपरेशन सिंदूर में भारत को प्रभावी प्रदर्शन करने में मदद की। अब इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच डिफेंस सेक्टर में खामियों को दूर करने के लिए मिशन मोड में बड़े फैसले होने की उम्मीद है।
प्रमुख एजेंडा और संभावित डील्स
- एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस: भारत की मिशन सुदर्शन चक्र (Sudarshan Chakra) योजना के तहत इजरायल के Iron Dome, David’s Sling और Arrow सिस्टम जैसी तकनीकों को एकीकृत कर मल्टी-लेयर एयर डिफेंस शील्ड बनाना। संयुक्त विकास और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर MoU की संभावना।
- हाई-एनर्जी लेजर वेपन: इजरायल का Iron Beam (100kW क्लास) लेजर सिस्टम, जो ड्रोन, रॉकेट और मोर्टार को कम लागत में नष्ट करता है। भारत DRDO के 30kW लेजर DEW को अपग्रेड करने के लिए इसमें रुचि दिखा रहा है।
- एडवांस्ड मिसाइल और ड्रोन: Golden Horizon एयर-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल (ALBM), Air Lora, Ice Breaker (300km रेंज), Rampage और SPICE 1000 ग्लाइड बमों की खरीद/संयुक्त उत्पादन। ब्रह्मोस से भी ज्यादा घातक मानी जाने वाली ये मिसाइलें पाकिस्तान जैसे खतरों के खिलाफ गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं।
- अन्य क्षेत्र: एडवांस्ड ड्रोन, साइबर सिक्योरिटी, AI-बेस्ड सिस्टम, इंटेलिजेंस शेयरिंग और काउंटर-टेररिज्म।
पीएम मोदी Knesset (इजरायली संसद) को संबोधित करेंगे, नेतन्याहू और राष्ट्रपति Isaac Herzog से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा करेंगे। इजरायल ने भारत को 2026 में 8.6 बिलियन डॉलर के हथियार डील्स का सबसे बड़ा सप्लायर बनने की संभावना जताई है (फ्रांस के बाद)।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का सबूत दिया है। अब इजरायल के साथ यह साझेदारी भारत को एयर डिफेंस, फाइटर जेट सपोर्ट, प्रिसिजन बम और मिसाइल टेक्नोलॉजी में पूरी तरह मजबूत बनाएगी। यात्रा के दौरान डिफेंस कोऑपरेशन पर MoU साइन होने की संभावना मजबूत है, जो दक्षिण एशिया में भारत की स्ट्रैटेजिक पोजिशन को और मजबूत करेगा।






