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February 8, 2026 11:21 am

रूसी तेल पर पीयूष गोयल ने नहीं दिया कोई जवाब, जानें कौन से अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ़ हटा देगा भारत

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भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई अंतरिम ट्रेड डील को लेकर विवादास्पद बयानबाजी जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस डील की एक प्रमुख शर्त के तहत भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने का वादा किया है। ट्रंप के अनुसार, इसी शर्त पर अमेरिका ने भारत पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ को हटाया और कुल टैरिफ दर को 50% से घटाकर 18% कर दिया है।

ट्रंप ने अपने एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में स्पष्ट रूप से कहा कि “भारत ने रूसी संघ से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से तेल आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है” और अमेरिका अब भारत से आने वाले सामानों पर अतिरिक्त 25% पेनल्टी टैरिफ हटा रहा है (जो 7 फरवरी 2026 से प्रभावी हुआ)। ट्रंप का कहना है कि भारत अब अमेरिकी तेल (और संभवतः वेनेजुएला से) ज्यादा खरीदेगा, जिससे रूस की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा।

हालांकि, भारतीय पक्ष की ओर से इस दावे पर कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं की गई है। शनिवार को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में डील के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिसमें बताया कि यह समझौता भारतीय किसानों, एमएसएमई और निर्यातकों के हितों की रक्षा करता है। कई संवेदनशील कृषि उत्पादों को डील से बाहर रखा गया है, और भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में जीरो या कम ड्यूटी का लाभ मिलेगा।

लेकिन जब गोयल से रूस से तेल खरीद पर ट्रंप के दावे और शर्त के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने बार-बार कहा, “मैंने कई बार कहा है, इस सवाल का जवाब विदेश मंत्रालय (MEA) देगा।” गोयल ने जोर दिया कि डील का फोकस व्यापार, टैरिफ कम करने और बाजार पहुंच पर है, लेकिन ऊर्जा नीति से जुड़े सवालों पर वे टिप्पणी नहीं करेंगे।

विदेश मंत्रालय ने भी अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, हालांकि पहले के बयानों में भारत ने हमेशा अपनी ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताई है और कहा है कि तेल खरीद बाजार की स्थिति और विविधता के आधार पर होती है।

यह मुद्दा दोनों देशों के बीच रणनीतिक संतुलन को दर्शाता है, जहां अमेरिका यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में रूस पर दबाव बनाना चाहता है, जबकि भारत अपनी स्वतंत्र ऊर्जा नीति और रूस के साथ पुराने संबंधों को बनाए रखना चाहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने रूस से तेल आयात पहले ही काफी कम कर दिया है, लेकिन पूरी तरह बंद करने का कोई स्पष्ट संकेत नहीं है।

DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

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