ऑनलाइन खरीदारी अब और आसान और सस्ती! Amazon की नई फीस पॉलिसी 16 मार्च से लागू
नई दिल्ली, 2 मार्च 2026: अमेज़न इंडिया ने सेलर्स के लिए बड़ी राहत देने वाली नई फीस पॉलिसी की घोषणा की है, जो 16 मार्च 2026 से लागू हो जाएगी। इस नए बदलाव से ₹1,000 से कम कीमत वाले प्रोडक्ट्स पर रेफरल फीस (कमीशन) पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इससे ऑनलाइन शॉपिंग ग्राहकों के लिए और सस्ती हो सकती है, क्योंकि सेलर्स अपनी कम लागत का फायदा ग्राहकों को कम कीमतों के रूप में दे सकते हैं।
मुख्य बदलाव क्या हैं?
- ₹1,000 से कम कीमत वाले प्रोडक्ट्स पर जीरो रेफरल फीस: यह पॉलिसी पिछले साल की ₹300 से कम वाले प्रोडक्ट्स पर जीरो फीस को विस्तार देती है। अब यह 1,800+ कैटेगरी में लागू होगी, जैसे कपड़े, जूते, इयरफोन, घरेलू सामान, किचन अप्लायंसेज, फर्नीचर, खिलौने, पेट सप्लाई और फैशन ज्वेलरी।
- कवरेज: इससे 12.5 करोड़ से ज्यादा प्रोडक्ट्स (125 मिलियन+) प्रभावित होंगे, जो पहले केवल 1.2 करोड़ प्रोडक्ट्स तक सीमित था।
- शिपिंग फीस में कटौती: ₹300 से कम कीमत वाले प्रोडक्ट्स पर Easy Ship फीस में 20% से ज्यादा की कमी होगी।
- सेलर्स को फायदा: कुल मिलाकर सेलर्स 70% तक फीस में बचत कर सकते हैं, खासकर छोटे व्यवसाय और टियर-2, टियर-3 शहरों के उद्यमियों के लिए।
अमेज़न इंडिया के सेलिंग पार्टनर सर्विसेज के डायरेक्टर अमित नंदा ने कहा, “यह बदलाव सेलर्स के लिए बेचना ज्यादा फायदेमंद और आसान बनाएगा, खासकर छोटे व्यवसायों और टियर-2/3 शहरों के उद्यमियों के लिए। जब हमारे सेलर्स सफल होते हैं, तो हम भी सफल होते हैं।”
ग्राहकों पर क्या असर?
पिछले बदलावों में देखा गया कि सेलर्स ने 50-100% तक कम लागत ग्राहकों को कम कीमतों के रूप में पास की। इस बार भी उम्मीद है कि ₹1,000 से कम के प्रोडक्ट्स (जो ज्यादातर रोजमर्रा की खरीदारी में आते हैं) सस्ते हो जाएंगे। यह कदम क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और मीशो जैसी कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अमेज़न की रणनीति का हिस्सा है, ताकि ज्यादा सेलर्स जुड़ें और वॉल्यूम बढ़े।
पिछले साल ₹300 से कम प्रोडक्ट्स पर जीरो फीस लागू होने से नए सेलर्स में 50% की बढ़ोतरी हुई थी। अब इस विस्तार से और ज्यादा ग्रोथ की उम्मीद है।
अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, तो 16 मार्च से अमेज़न पर कई कैटेगरी में बेहतर डील्स मिल सकती हैं! ज्यादा जानकारी के लिए अमेज़न सेलर सेंट्रल या आधिकारिक घोषणा देखें।






