सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब सरकारी अस्पतालों में भी प्राइवेट मेडिकल बीमा के जरिए मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने छह मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों के प्रबंधन को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे जल्द से जल्द इस व्यवस्था को लागू करें।
मिली जानकारी के अनुसार, सरकार का उद्देश्य है कि जिन मरीजों के पास निजी स्वास्थ्य बीमा है, उन्हें सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। अब ऐसे मरीज अपने बीमा का उपयोग करते हुए सरकारी अस्पतालों में कैशलेस या बीमा कवर के तहत इलाज करा सकेंगे। इससे मरीजों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल इस सुविधा को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में छह मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में शुरू किया जा रहा है। इन अस्पतालों के प्रबंधन को कहा गया है कि बीमा कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर जरूरी व्यवस्था करें, ताकि मरीजों को बिना देरी के इलाज मिल सके।
अधिकारियों के मुताबिक, कई बार ऐसा होता है कि मरीज के पास प्राइवेट बीमा होने के बावजूद वह सरकारी अस्पताल में उसका फायदा नहीं ले पाता। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीज सीधे बीमा कार्ड दिखाकर इलाज करा सकेगा और भुगतान की प्रक्रिया अस्पताल और बीमा कंपनी के बीच पूरी होगी।
इस फैसले से सरकारी अस्पतालों की आय बढ़ने की भी संभावना है, क्योंकि बीमा कंपनियों से इलाज का खर्च अस्पताल को मिलेगा। वहीं मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए अस्पतालों को अतिरिक्त संसाधन भी मिल सकेंगे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह व्यवस्था सफल रहती है तो इसे आगे सभी सरकारी अस्पतालों में लागू किया जा सकता है। इससे सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा बढ़ेगा और निजी अस्पतालों पर निर्भरता भी कम हो सकती है।
फिलहाल विभाग ने सभी संबंधित मेडिकल कॉलेजों को जल्द से जल्द व्यवस्था शुरू करने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि मरीजों को इस सुविधा की जानकारी भी दी जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।






