नई दिल्ली, 14 फरवरी 2026: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ग्रुप स्टेज का रोमांच चरम पर पहुंच गया है। जिम्बाब्वे के हाथों ऑस्ट्रेलिया की हार ने ग्रुप बी को उलट-पुलट कर दिया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया अकेली नहीं है। अफगानिस्तान और इंग्लैंड भी पहले राउंड से बाहर होने के खतरे में हैं। चार ग्रुपों में से सिर्फ आठ टीमें सुपर-8 में पहुंचेंगी। आइए जानते हैं हर ग्रुप का समीकरण और कौन-कौन सी टीमें खतरे में हैं।
ग्रुप ए (भारत, पाकिस्तान, यूएसए, नीदरलैंड्स, नामीबिया)
- भारत और पाकिस्तान दोनों के 4 अंक, नेट रन रेट में भारत आगे।
- दोनों टीमें अगले मैच जीतकर सुपर-8 में जगह पक्की कर सकती हैं।
- खतरा: नामीबिया और नीदरलैंड्स के पास अभी भी मौका, लेकिन बहुत मुश्किल।
ग्रुप बी (श्रीलंका, जिम्बाब्वे, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, ओमान)
- श्रीलंका: 4 अंक, NRR +3.125 (सबसे मजबूत)
- जिम्बाब्वे: 4 अंक, NRR +1.984
- ऑस्ट्रेलिया: 2 अंक (जिम्बाब्वे से हार के बाद)
ऑस्ट्रेलिया का समीकरण: अगले दो मैच (श्रीलंका और ओमान) जीतने होंगे। 6 अंक पर पहुंचने के बाद भी NRR पर निर्भर। अगर श्रीलंका एक मैच हारती है तो तीन टीमों के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है। एक हार और ऑस्ट्रेलिया की विदाई तय!
ग्रुप सी (वेस्टइंडीज, स्कॉटलैंड, इंग्लैंड, इटली, नेपाल)
- वेस्टइंडीज: 4 अंक (टॉप पर)
- स्कॉटलैंड: 2 अंक, बेहतर NRR
- इंग्लैंड: 2 अंक (वेस्टइंडीज से हार, नेपाल पर संकरी जीत)
इंग्लैंड का समीकरण: अगले दो मैच (स्कॉटलैंड और इटली) जीतने होंगे। अगर स्कॉटलैंड से हार हुई तो इंग्लैंड का NRR बहुत खराब है और बाहर होने का खतरा। स्कॉटलैंड और वेस्टइंडीज फिलहाल मजबूत दावेदार।
ग्रुप डी (न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका, अफगानिस्तान, यूएई, कनाडा)
- न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका: 4 अंक
- अफगानिस्तान: 0 अंक (दोनों मैच हारे)
अफगानिस्तान का समीकरण: यूएई और कनाडा को बड़े मार्जिन से हराना होगा। साथ ही न्यूजीलैंड या साउथ अफ्रीका में से किसी एक को अपने बाकी दोनों मैच हारने होंगे। सिर्फ 4 अंक पर पहुंचकर भी NRR से आगे निकलना बेहद मुश्किल। अफगानिस्तान 2024 का सेमीफाइनलिस्ट टीम अब बाहर होने के कगार पर है।
सुपर-8 में कौन-कौन?
वर्तमान में सबसे मजबूत दावेदार: ग्रुप ए → भारत-पाकिस्तान ग्रुप बी → श्रीलंका-जिम्बाब्वे ग्रुप सी → वेस्टइंडीज-स्कॉटलैंड ग्रुप डी → न्यूजीलैंड-साउथ अफ्रीका
अगर कोई अनसीडेड टीम (जैसे जिम्बाब्वे या स्कॉटलैंड) क्वालीफाई करती है तो वह सुपर-8 में सीडेड टीम की जगह लेगी।
अभी भी कई मैच बाकी हैं और एक-एक मैच का नतीजा समीकरण बदल सकता है। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अफगानिस्तान जैसे दिग्गजों की किस्मत अब न सिर्फ अपनी जीत, बल्कि दूसरे मैचों के नतीजों पर भी टिकी है।






