Explore

Search

March 16, 2026 2:41 pm

इंडक्शन नहीं मिल रहा, गैस भी नहीं! 400-500% डिमांड स्पाइक, कंपनियां परेशान- चीन से मटेरियल 45 दिन में

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण होर्मुज़ स्ट्रेट प्रभावित होने से भारत में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की सप्लाई पर गहरा संकट मंडरा रहा है। कई शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर की कमी और बुकिंग में 20-25 दिन की देरी की खबरें आ रही हैं, जिससे लोगों में पैनिक फैल गया है। नतीजा? रसोई में बैकअप के तौर पर इंडक्शन चूल्हे की डिमांड में भयंकर उछाल आया है—कई जगहों पर 400 से 500% तक स्पाइक दर्ज किया गया है। लेकिन अब इंडक्शन भी बाजार से गायब हो रहे हैं, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर ‘आउट ऑफ स्टॉक’ दिख रहा है, और दुकानों पर लाइन लग रही है।

दैनिक भास्कर और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन कुकर की बिक्री में 400-500% का इजाफा हुआ है। पहले जहां महीने में 1,000-2,000 यूनिट बिकती थीं, अब रोजाना 1-2 लाख यूनिट तक बिक्री हो रही है। क्विक कॉमर्स ऐप्स (जैसे Blinkit, Zepto) और ई-कॉमर्स (Amazon, Flipkart) पर डिमांड 10-30 गुना तक बढ़ गई है। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, लखनऊ, जयपुर जैसे शहरों में दुकानें और ऑनलाइन स्टॉक खत्म हो चुके हैं। लोग कह रहे हैं, “घर में गैस खत्म हो रही है, इंडक्शन भी नहीं मिल रहा—अब क्या करें?”

कंपनियां जैसे Pigeon (Stovekraft), Prestige (TTK Prestige), Butterfly और अन्य भी परेशान हैं। स्टोवक्राफ्ट के MD राजेंद्र गांधी ने बताया कि ई-कॉमर्स पर उनकी साप्ताहिक बिक्री 4 गुना बढ़ गई है, जबकि TTK Prestige ने डिमांड को “ट्रिपल से ज्यादा” बताया। लेकिन प्रोडक्शन बढ़ाने में दिक्कत आ रही है क्योंकि इंडक्शन में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख पार्ट्स—जैसे कॉइल्स, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, मैग्नेटिक कोर और अन्य कंपोनेंट्स—ज्यादातर चीन से इंपोर्ट होते हैं।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि चीन से नया कच्चा माल आने में कम से कम 45 दिन लगेंगे। शिपिंग डिले, होर्मुज़ संकट से प्रभावित लॉजिस्टिक्स और हाई डिमांड के कारण सप्लाई चेन बाधित हो गई है। कंपनियां प्रोडक्शन को 100% क्षमता पर चला रही हैं, स्टाफ बढ़ा रही हैं, लेकिन स्टॉक खत्म होने से ग्राहकों को निराश होना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर इंडक्शन के दाम भी 20-30% बढ़ गए हैं, ब्लैक मार्केटिंग की खबरें आ रही हैं।

सरकार ने घरेलू LPG के लिए इमरजेंसी पावर इस्तेमाल कर रिफाइनरीज को घरेलू सप्लाई बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर (होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन) पर असर ज्यादा है। लोग पैनिक बाइंग कर रहे हैं, जिससे समस्या और बढ़ रही है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि घबराएं नहीं—सरकार ने घरेलू सप्लाई सुरक्षित बताई है, लेकिन बैकअप के तौर पर इंडक्शन अच्छा विकल्प है। अगर इंडक्शन नहीं मिल रहा तो पुराने गैस चूल्हे या PNG (पाइपलाइन गैस) वाले इलाकों में राहत है।

यह संकट वैश्विक तेल-गैस बाजार पर ईरान युद्ध के असर को दिखाता है। अगर स्थिति लंबी खिंची तो इंडक्शन और इलेक्ट्रिक अप्लायंसेज की डिमांड और बढ़ सकती है, लेकिन सप्लाई में 45 दिन का वेट समय रहेगा। जयपुर जैसे शहरों में भी लोकल मार्केट्स में स्टॉक खत्म होने की शिकायतें आ रही हैं—लोग सुबह से दुकानों के चक्कर काट रहे हैं।

Rashima Repoter
Author: Rashima Repoter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर