धौलपुर, 26 मार्च 2026 – खिन्नोट गांव के रामेश्वर दयाल की FIR नंबर 203/2022 की अधूरी और पक्षपाती जांच तथा SC/ST एक्ट व मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायत पर अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सीधा हस्तक्षेप किया है।
आयोग ने 11 सितंबर 2025 को रामेश्वर दयाल, खिन्नोट, द्वारा भेजी गई शिकायत को 25 मार्च 2026 को अपने समक्ष रखा और सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस, धौलपुर को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
NHRC का आदेश (26 मार्च 2026):
1. शिकायत को संबंधित अधिकारी (SP धौलपुर) को भेजा जाए।
2. 4 हफ्ते के अंदर उचित कार्रवाई की जाए।
3. शिकायतकर्ता (रामेश्वर दयाल) को कार्रवाई की पूरी जानकारी दी जाए।
4. कार्रवाई की रिपोर्ट आयोग को भी भेजी जाए।
SP धौलपुर को भेजे गए पत्र में कहा गया है:
“यह शिकायत/सूचना रामेश्वर दयाल की ओर से प्राप्त हुई थी। आयोग ने इसे देखने के बाद निर्देश दिया है कि संबंधित प्राधिकारी उचित कार्रवाई करें और शिकायतकर्ता को कार्रवाई की जानकारी दें।”
क्या था रामेश्वर दयाल का आरोप?
1. FIR 203/2022 की जांच अधूरी और पक्षपाती।
2. जांच अधिकारी ने मोबाइल लोकेशन (पुलिस व उनके मोबाइल) की जांच नहीं की।
3. 25 जुलाई 2022 का गवाह बयान (धारा 161 CrPC) नजरअंदाज किया गया।
4. SC/ST (POA) एक्ट 1989 की धारा-4 का उल्लंघन – FIR को समय पर स्पेशल कोर्ट में नहीं भेजा गया।
5. राजसम्पर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतें सालों से लंबित रही
6. मानवाधिकारों का हनन।
रामेश्वर दयाल ने अपने पत्र के साथ पूरा गवाह बयान भी संलग्न किया था।
स्थानीय SC/ST समुदाय और ग्रामीण इस मामले को बारीकी से देख रहे हैं







