नई इनकम टैक्स नियमों में बड़ी राहत! HRA पर ज्यादा टैक्स छूट, पुणे-बेंगलुरु वालों की मौज! ये शहर वाले भी फायदे में
नई दिल्ली/जयपुर: सैलरीड क्लास के लिए खुशखबरी! ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 के तहत हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर टैक्स छूट के नियमों में बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है। अब बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद के कर्मचारियों को भी 50% HRA छूट का लाभ मिलेगा, जो पहले सिर्फ दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे पारंपरिक मेट्रो शहरों तक सीमित था।
यह बदलाव इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत नए नियमों (ड्राफ्ट रूल 279) में किया गया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकता है (FY 2026-27 से)। इससे इन शहरों में रहने वाले लाखों आईटी प्रोफेशनल्स, कॉर्पोरेट कर्मचारियों और अन्य सैलरीड लोगों की इन-हैंड सैलरी बढ़ सकती है, क्योंकि हायर रेंटल कॉस्ट को देखते हुए टैक्सेबल इनकम कम होगी।
HRA छूट कैसे काम करेगी?
HRA एक्जेम्प्शन की गणना अभी भी तीन में से सबसे कम राशि पर आधारित रहेगी:
- वास्तव में मिला HRA
- किराए में से सैलरी के 10% घटाने के बाद बची रकम
- सैलरी का 50% (अब 8 शहरों में) या 40% (अन्य शहरों में)
अब 50% कैटेगरी में शामिल शहर: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद।
उदाहरण: अगर आपकी बेसिक सैलरी ₹1 लाख प्रति माह है और HRA भी उतना ही मिलता है, तो पहले बेंगलुरु/पुणे में 40% (₹40,000) तक छूट मिलती थी। अब 50% (₹50,000) तक मिल सकती है—यानी हर महीने ₹10,000 ज्यादा टैक्स बचत!
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये शहर अब हाई रेंटल कॉस्ट और जॉब हब बन चुके हैं, इसलिए सरकार ने इन्हें मेट्रो स्टेटस दिया है। यह पुरानी टैक्स रिजीम चुनने वालों के लिए फायदेमंद होगा (नई रिजीम में HRA छूट नहीं मिलती)।
कंपनी कार पर टैक्सेबल वैल्यू बढ़ी
दूसरी तरफ, कंपनी द्वारा दी जाने वाली कारों (परक्विजिट) की टैक्सेबल वैल्यू में भी बदलाव प्रस्तावित है। अब:
- 1.6 लीटर से कम इंजन वाली कार: ₹8,000 प्रति माह (पहले ₹2,700-₹1,800 के आसपास)
- 1.6 लीटर से ज्यादा वाली कार: ₹10,000 प्रति माह (पहले ₹3,300 के आसपास)
यह वैल्यू ड्राइवर सहित है, जहां कंपनी रनिंग/मेंटेनेंस खर्च उठाती है। इससे कंपनी कार यूज करने वालों की टैक्स लायबिलिटी बढ़ सकती है, लेकिन यह बदलाव सालों पुरानी वैल्यू को मौजूदा इकोनॉमी से मैच करने के लिए है।
अन्य प्रमुख बदलाव (ड्राफ्ट में)
- चाइल्ड होस्टल अलाउंस: ₹300 से बढ़कर ₹9,000 प्रति माह प्रति बच्चा
- गिफ्ट्स से एक्जेम्प्शन: ₹5,000 से बढ़कर ₹15,000 सालाना
- फ्री मील्स: ₹50 से बढ़कर ₹200 प्रति मील
- ये बदलाव भी पुरानी रिजीम में ज्यादा फायदेमंद होंगे।






