क्रिकेट जगत में एक नया विवाद सामने आया है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर Kirti Azad ने वर्ल्ड कप ट्रॉफी को मंदिर ले जाने को लेकर सवाल उठाए हैं, जिसके बाद टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी और कोच Gautam Gambhir ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए करारा जवाब दिया। दोनों के बयान के बाद खेल जगत और सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है।
कीर्ति आज़ाद ने उठाए सवाल
कीर्ति आज़ाद ने कहा कि खेल को खेल की तरह ही रखना चाहिए और ट्रॉफी को धार्मिक जगहों पर ले जाना सही परंपरा नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ल्ड कप देश की उपलब्धि है और इसे किसी एक धर्म या आस्था से जोड़ना ठीक नहीं माना जाना चाहिए।
उनके इस बयान के बाद क्रिकेट फैंस के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
गौतम गंभीर ने दिया जवाब
कीर्ति आज़ाद के बयान पर गौतम गंभीर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी या टीम का अपनी आस्था के अनुसार पूजा-पाठ करना गलत नहीं है।
उन्होंने कहा कि भारत एक आस्थावान देश है और यहां लोग अपनी सफलता के बाद भगवान का धन्यवाद करते हैं, इसमें कोई बुराई नहीं है।
गौतम गंभीर ने यह भी कहा कि इस तरह के मुद्दों को बेवजह विवाद का रूप नहीं देना चाहिए और खिलाड़ियों की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
दोनों खिलाड़ियों के बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।
कुछ लोग कीर्ति आज़ाद के बयान का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ गौतम गंभीर की बात को सही बता रहे हैं।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे विवाद
खेल और धर्म को लेकर पहले भी कई बार विवाद सामने आ चुके हैं। कई खिलाड़ी अपनी जीत के बाद मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारे जाकर धन्यवाद देते रहे हैं, जिस पर समय-समय पर चर्चा होती रही है।
खेल से ज्यादा बयान पर चर्चा
फिलहाल इस पूरे मामले में खेल से ज्यादा खिलाड़ियों के बयान चर्चा में हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मुद्दों पर बयान देने से अनावश्यक विवाद बढ़ता है और ध्यान खेल से हट जाता है।
फिलहाल दोनों ही दिग्गज खिलाड़ियों के बयान के बाद यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है।






