उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। NEET की तैयारी कर रहे 19 वर्षीय छात्र दीपक गुप्ता की पशु तस्करों ने बेरहमी से हत्या कर दी। यह वारदात सोमवार देर रात हुई, जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। इलाके में बवाल मच गया, आगजनी हुई और सड़क जाम कर दी गई। उग्र ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें एसपी नॉर्थ जितेंद्र श्रीवास्तव और पिपराइच थाना प्रभारी पुरुषोत्तम आनंद सिंह घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई थानों की फोर्स और प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) तैनात की गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया और पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस महानिरीक्षक जैसे वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिवार को सांत्वना देने में जुटे रहे।
घटना का विवरण: तस्करों का अंधेर रात में हमला
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब साढ़े 11 बजे 10-15 पशु तस्कर तीन गाड़ियों (जिनमें एक डीसीएम शामिल थी) से पिपराइच थाना क्षेत्र के एक गांव में पहुंचे। उनका मकसद मवेशियों की चोरी था। वे दीपक गुप्ता के गोदाम के शटर को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे और मवेशियों को खूंटों से खोलने लगे। गांव वालों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसी शोर में दीपक गुप्ता भी जाग गया और स्कूटी पर सवार होकर तस्करों के पीछे दौड़ पड़ा। उसके साथ 10-15 ग्रामीण भी थे।
तस्करों ने स्थिति बिगड़ते देख दीपक को पकड़ लिया और जबरन डीसीएम में बिठा लिया। उसके बाद वे उसे लेकर करीब एक घंटे तक घुमाते रहे। लगभग 4 किलोमीटर दूर जंगल में पहुंचकर उन्होंने दीपक के मुंह में गोली मार दी और सिर पर ईंट से प्रहार कर कुचल दिया। शव को वहीं फेंक दिया गया। मंगलवार सुबह करीब 4 घंटे बाद परिवार को खून से लथपथ शव मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट और गोली का निशान पाया गया। हालांकि, प्रारंभिक पुलिस जांच में कहा गया कि मौत सिर में चोट लगने से हुई, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में गोली मारने की पुष्टि हुई है।
ग्रामीणों का विद्रोह: आगजनी और जाम
शव मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई। गुस्साए ग्रामीणों ने तस्करों की एक डीसीएम को आग के हवाले कर दिया। तस्कर दूसरे वाहनों से फरार हो गए। बवाल की सूचना पर पुलिस पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। बचाव के दौरान एसपी नॉर्थ और थाना प्रभारी घायल हो गए। मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने गोरखपुर-पिपराइच रोड पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात ठप हो गया। चार थानों की फोर्स और PAC को तैनात कर स्थिति संभाली गई। पुलिस परिवार को शांत करने की कोशिश कर रही है, लेकिन परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है।
मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप और पुलिस कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता और अपराधियों को कड़ी सजा का आश्वासन दिया। निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच तेज कर दी गई। पुलिस तस्करों की तलाश में छापेमारी कर रही है। एक तस्कर को ग्रामीणों ने पकड़ लिया था, जिसे बचाने में पुलिसकर्मी घायल हुए। फिलहाल, इलाका शांत है, लेकिन तनाव बरकरार है।
यह घटना पशु तस्करी के खिलाफ ग्रामीणों की सतर्कता को दर्शाती है, लेकिन छात्र की निर्दय हत्या ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।






