युद्ध की शुरुआत और पृष्ठभूमि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर संयुक्त हवाई और मिसाइल हमले शुरू किए। इन हमलों का मुख्य लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल ठिकाने, सैन्य कमांड और नेतृत्व को नष्ट करना बताया गया। हमलों की शुरुआत में ही ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेता मारे गए। ईरान ने इसे “अन्यायपूर्ण आक्रमण” करार दिया और जवाबी मिसाइल-ड्रोन हमले शुरू किए, जो इज़राइल, अमेरिकी सैन्य अड्डों और खाड़ी देशों (जैसे बहरीन, कुवैत, यूएई) तक पहुंचे। युद्ध अब नौवें-दसवें दिन में प्रवेश कर चुका है और क्षेत्रीय स्तर पर फैल रहा है।
ईरान में हताहतों का आंकड़ा (ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार)
- कुल मौतें: 1,200 से 1,255+ (कुछ रिपोर्ट्स में 1,332 तक)
- ज्यादातर नागरिक प्रभावित।
- 200 बच्चे (12 साल से कम उम्र के, कुछ रिपोर्ट्स में 190 से कम उम्र के 30% तक बच्चे)।
- 200 महिलाएं (कुछ में 198)।
- घायल: 10,000 से 12,000+ (जिनमें 1,400 महिलाएं और सैकड़ों बच्चे)।
- स्वास्थ्य सुविधाओं पर भारी असर: 25 अस्पताल प्रभावित, 9 पूरी तरह बंद। 11 स्वास्थ्यकर्मी मारे गए, 55 घायल।
- सबसे बड़ा एकल हमला: 28 फरवरी को मिनाब (होर्मोजगान प्रांत) में लड़कियों के प्राइमरी स्कूल (शजारेह तय्येबा एलीमेंट्री स्कूल) पर हमला, जिसमें 165-168 बच्चे (ज्यादातर लड़कियां) मारे गए। कुछ रिपोर्ट्स में टोमहॉक मिसाइल का इस्तेमाल बताया गया।
- अन्य: कई स्कूल, आवासीय इलाके, अस्पताल और इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट। WHO ने “गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरा” की चेतावनी दी है।
अन्य पक्षों के हताहत
- इज़राइल: 10-13 मौतें (ज्यादातर नागरिक), सैकड़ों घायल। ईरानी मिसाइल हमलों से तेल अवीव, यरुशलम आदि में विस्फोट।
- अमेरिका: 7-8 सैनिक मारे गए।
- खाड़ी देश: बहरीन, कुवैत, यूएई में 7-14 मौतें, कई घायल (ईरानी ड्रोन-मिसाइल हमलों से)।
- लेबनान: हिजबुल्लाह-इज़राइल गोलाबारी से 300-400 मौतें, जिसमें 83 बच्चे।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
- हजारों मिसाइल और ड्रोन हमले (खोर्रमशहर, फतह, खैबर आदि)।
- इज़राइल के सैन्य ठिकानों, अमेरिकी बेस (खाड़ी में) और अब ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस।
- IRGC ने “ऊर्जा युद्ध” की चेतावनी दी।
- ईरान के राष्ट्रपति ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी, लेकिन हमले जारी।
ईरान में नेतृत्व परिवर्तन
- अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोज्तबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया।
- ईरानी सेना और राजनीतिक नेताओं ने निष्ठा की शपथ ली।
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि नए नेता को वाशिंगटन की मंजूरी लेनी होगी, अन्यथा युद्ध जारी रहेगा।
- तेल की कीमतें $100+ प्रति बैरल पार, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
- संयुक्त राष्ट्र और कई देशों से तत्काल युद्धविराम की मांग।
- ईरान ने अमेरिका पर “देश को तोड़ने और तेल कब्जाने” का आरोप लगाया।
- खाड़ी देशों में सुरक्षा बढ़ाई गई, कई एयरपोर्ट प्रभावित।
- रूस ने ईरान को खुफिया जानकारी देने की रिपोर्ट्स।
वर्तमान स्थिति (9 मार्च 2026) युद्ध तेजी से बढ़ रहा है। ईरान ने इज़राइल पर नई मिसाइल बैराज दागी, तेल अवीव में विस्फोट। अमेरिका-इज़राइल ने ईरान के तेल और ऊर्जा साइटों पर हमले तेज किए। स्थिति “अपोकैलिप्टिक” बताई जा रही है, विशेषकर तेहरान में। विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध लंबा खिंच सकता है, और क्षेत्रीय युद्ध में बदलने का खतरा बढ़ गया है।






