राजस्थान के जैसलमेर जिले के नाचना से गुजरात के अहमदाबाद जा रही एक प्राइवेट एसी स्लीपर बस में तड़के भीषण आग लग गई, जिससे यात्रियों में भगदड़ मच गई। हादसे में एक यात्री की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 9 अन्य बुरी तरह झुलस गए। गनीमत रही कि ज्यादातर यात्री समय पर खिड़कियां तोड़कर या कूदकर बाहर निकल आए, वरना हादसा और बड़ा हो सकता था।
हादसा कैसे हुआ?
घटना शुक्रवार (13 मार्च 2026) तड़के करीब 3:30 से 4:00 बजे के बीच राजस्थान-गुजरात बॉर्डर के पास गुजरात के बनासकांठा जिले में धानेरा के नेनावा इलाके में नेशनल हाईवे पर हुई। स्वागत ट्रैवल्स की यह बस नाचना से शाम 6:30 बजे रवाना हुई थी और इसमें कुल 16 यात्री सवार थे, जो ज्यादातर गहरी नींद में थे।
प्रारंभिक जांच में आग का कारण एसी सिस्टम में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। अचानक बस में धुआं भर गया और आग की लपटें तेजी से फैल गईं। सोते हुए यात्रियों को झपट्टे में जागना पड़ा, और पूरी बस आग का गोला बन गई। जहरीले धुएं और आग से घबराहट में कई यात्रियों ने खिड़कियां तोड़कर या इमरजेंसी गेट से कूदकर अपनी जान बचाई।
मौत और घायल
- मृतक: जैसलमेर जिले के खीनसर निवासी अम्बालाल (40 वर्ष) पुत्र सुरजाराम। वे गंभीर रूप से झुलसे थे और पालनपुर अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
- घायल: 9 यात्री बुरी तरह झुलसे, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। बाकी यात्रियों को मामूली चोटें आईं। घायलों को धानेरा और पालनपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- बस में रखा यात्रियों का सामान, मोबाइल, दस्तावेज और सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया।
यात्रियों की अफरा-तफरी
एक यात्री ने बताया, “अचानक धुआं आया, आग लगी तो सब चीखने लगे। दरवाजा खुल नहीं रहा था, हमने खिड़कियां तोड़ीं और कूद गए। एक भाई बहुत झुलस गया, उसे निकालना मुश्किल हुआ।” कई यात्रियों ने आग के बीच से बाहर निकलकर एक-दूसरे की मदद की।
बस ऑपरेटर और जांच
यह रूट स्वागत ट्रैवल्स ने महज 3-4 दिन पहले शुरू किया था। संचालक निर्मल रैयानी ने टीम मौके पर भेजी है और जांच में सहयोग का वादा किया है। धानेरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम आग के सटीक कारण की जांच कर रही है।
सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा पिछले साल अक्टूबर 2025 में जैसलमेर-जोधपुर रूट पर हुई बस आग (जिसमें 26 मौतें हुई थीं) की याद दिलाता है, जहां भी शॉर्ट सर्किट कारण था। प्राइवेट बसों में एसी सिस्टम, फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट की जांच की मांग तेज हो गई है।
प्रशासन ने घायलों के इलाज का जायजा लिया है और मृतक के परिजनों को मुआवजे का आश्वासन दिया है। यह हादसा लंबी दूरी की प्राइवेट बसों में सुरक्षा मानकों की कमी को फिर उजागर करता है।






