मार्केट एक्सपर्ट आनंद टंडन ने भारतीय शेयर बाजार की आगे की दिशा पर महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 6-8 महीनों से मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट निफ्टी के मुकाबले काफी अंडरपरफॉर्म कर रहे हैं। ज्यादातर रिटेल निवेशक छोटी और मध्यम कंपनियों में निवेशित रहते हैं, इसलिए उनके पोर्टफोलियो में इस दौरान खास बढ़ोतरी नहीं हुई होगी।
अर्निंग ग्रोथ की बात करें तो आनंद टंडन को लगता है कि इसमें ज्यादा तेजी आने की संभावना कम है। कारण यह है कि जब जीडीपी ग्रोथ सिंगल डिजिट में आ जाती है, तो कंपनियों के लिए उससे ज्यादा अर्निंग ग्रोथ हासिल करना मुश्किल हो जाता है। ऑपरेटिंग मार्जिन में भी ज्यादा सुधार की उम्मीद नहीं है, क्योंकि कई कंपनियों के मार्जिन पहले से ही पीक लेवल पर पहुंच चुके हैं।
यह व्यू हाल के बाजार ट्रेंड्स से मेल खाता है, जहां 2025 में स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स ने लार्जकैप (निफ्टी) से काफी कम रिटर्न दिए या नेगेटिव परफॉर्मेंस दिखाई। 2026 में भी एक्सपर्ट्स सलेक्टिव अप्रोच की सलाह दे रहे हैं, जहां अर्निंग विजिबिलिटी और वैल्यूएशन पर फोकस जरूरी है। रिटेल निवेशकों को सतर्क रहते हुए लॉन्ग-टर्म पर्सपेक्टिव रखना चाहिए और ओवर-एक्सपोजर से बचना चाहिए।






