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March 12, 2026 10:48 am

महात्मा गांधी पूरे विश्व के लिए सस्टेनेबल जीवन-शैली के आदर्श हैं : जनक पलटा मगिलिगन

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आज जिम्मी मगिलिगन सेंटर फार सस्टेनेबल डिवेलपमेंट देखने आए मेडी-कैप्स विश्वविद्यालय के दो शिक्षको सहित एम् बी ए के विद्यार्थीयों के साथ भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 77 वीं पुण्य तिथि पर दो मिनट तक मौन रखकर उन्हें याद किया और सभी के साथ महात्मा गांधी द्वारा गाया भक्ति गीत रघुपति राघव राजा राम गाकर उन्हें श्रद्धांजलि ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा “महात्मा गांधी पूरे विश्व के लिए सस्टेनेबल जीवन-शैली के आदर्श हैं ! उन्होंने पूरे विश्व को समस्त प्राणियो के साथ सद्भावना,सत्य,अहिंसा, सेवा, श्रम, त्याग विश्वशांति ,प्रकृति, स्वच्छता प्रेम ,एकता के बल पर भारत को आज़ाद कराया ! हम सभी के लिए वो सर्वोत्म प्रेरणा है मुझे 16 साल में भारत की पहली सफल ओपन हार्ट सर्जरी के बाद ईश्वर को इस नए जीवन को धन्यवाद देने का उदेश्य मान कर जीवन में ‘बहाई विश्व धर्म के मार्ग में अग्रसर होने में आज तक बापू जीवंत उदाहरण रहे ! पिछले 40 साल से चण्डीगढ़ छोड़ आदिवासी महिलॉयों के विकास हेतु सस्टेनेबल जीवन-शैली आधारित जीवन जीना सीख रही हूँ !


विद्यार्थीयों ने सूर्य और पवन शक्ति से संचालित उनके पति ,स्वर्गीय जिम्मी मगिलिगन द्वारा 2010 में स्थापित अपने 2 किलोवाट सोलर और विंड मिल् से 50 आदिवासी भूमिहीन परिवारों को पिछले 12 साल से 19 स्ट्रीट लाइट्स से रोशन करता हुआ दिखाया । पूरा साइंस ग्रुप पहली बार वास्तव में 60 फुट ऊँचा पवन पंखा चलते हुए देख कर कर आचम्भित था । इसके तुरंत बाद ,वही पर नीचे रखे 10 प्रकार के चलते हुए सोलर कुकरों पर ,कुकिंग, बेकिंग और मिट्टी की हांड़ी में खौलती घर की उगा कर घट्टी से बनी जैविक दाल, चाय , बनती हुई सब्जी , गाय और कुत्ते के लिए खाना ,पीने के लिए उबलता पानी , सोलर पॉवर बैंक, फ़ोन चार्जर ,लैंप वगेरा देखना विज्ञान का सीधा प्रत्यक्ष प्रैक्टिकल भी उनके जीवन में पहली बार थी ।

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फिर अगली सरपराईज थी , बड़ी सोलर किचन जो बाहर से सूर्य के साथ ऑटो ट्रैकिंग शेफ्लर डिश से चल रही थी और उस पर सोलर फ्राइंग हो रही थी ,किचन के अंदर से खाना बनाने वाले को न कोई धूँआ था न चूल्हे की गर्मी । उन्हें बताया गया साल के लगभग 300 दिन खाना धूप से सोलर कुकर्स पर बनता है और बरसात के दिनों के लिए , पुराने समाचार पेपर और सूखे घास-पत्ते से ब्रिकेट /कंडे बनाने वाली ब्रिकेट मशीन से बने ( कंडों ) के साथ चूल्हे /सिगड़ी पर बनता है । “सस्टेनेबल जीवन-शैली” देखी समझी और संकल्प लिया कि वो बहुत प्रेरित हुए है और पूरा प्रयास करेंगे

Sanjeevni Today
Author: Sanjeevni Today

Reporter

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