मप्र में कोरोना के खिलाफ जारी है हर वर्ग की लड़ाई

मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण के खिलाफ हर वर्ग ने कमर कस ली है

 
मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण के खिलाफ हर वर्ग ने कमर कस ली है

भोपाल| मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण के खिलाफ हर वर्ग ने कमर कस ली है। जो जिस स्थिति में है उस तरह की लड़ाई लड़ने की कोशिश में लगा हुआ है ताकि कोरोना को परास्त किया जा सके। राज्य में तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोना संक्रमितों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने राज्य के बड़े हिस्से में कोरोना कर्फ्यू लागू किया है। कई हिस्सों में तो कोरोना कफर्यू 10 मई तक जारी रहेगा। बीते कुछ दिनों में इस कोरोना संक्रमण की स्थिति पर भी असर नजर आने लगे हैं और मरीजों की संख्या में कुछ गिरावट भी आई है। एक तरफ जहां सरकार कोरोना को रोकने के लिए जनता कर्फ्यू का सहारा ले रही है तो दूसरी ओर अस्पताल की अव्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कोशिश जारी है । मरीजों को अस्पतालों में बेड मिल सके ऑक्सीजन की उपलब्धता हो सके और इंजेक्शन की कमी ना आए, इसके लगातार प्रयास हो रहे हैं। मगर कई क्षेत्रों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि मरीज ऑक्सीजन के अभाव में दम तोड़ रहे हैं और उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।

एक तरफ जहां सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है तो वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष यानी भारतीय जनता पार्टी से जुड़े नेता और विरोधी दल कांग्रेस के जनप्रतिनिधि लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं । भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने अपने संसदीय क्षेत्र खजुराहो के लिए 75 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए हैं वहीं खजुराहो में एक ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसी तरह भाजपा के नेता राहुल कोठारी ने भी भोपाल में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की सुविधा मुहैया कराई है। विपक्षी दल के विधायकों में छतरपुर से आलोक चतुर्वेदी ने अपने यहां ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बैंक के स्थापित किया है और वे जरूरतमंदों को यह उपलब्ध करा रहे हैं। इसके अलावा ग्वालियर में प्रवीण पाठक ने अपने स्तर पर मरीजों केा सुविधाएं दिलाने के प्रयास किए है। इसी तरह राज्य के अन्य हिस्सों से भी जनप्रतिनिधि द्वारा अपने क्षेत्र की जनता की हर संभव मदद की कोशिश किए जाने के समाचार मिल रहे हैं। छिंदवाड़़ा में कांग्रेस सांसद नकुल नाथ मरीजों की मदद के लिए ऑक्सीजन आदि का इंतजाम कर रहे हैं तो भाजपा के राज्यसभा सांसद ज्येातिरादित्य सिंधिया ने मरीजों के लिए ऑक्सीजन और रेमडेसीविर इंजेक्षन की अपने स्तर पर व्यवस्था की है।

इसके अलावा कई जनप्रतिनिधि ऐसे हैं जो मरीजों को सुविधाएं मुहैया कराने की बजाय अपने लाभ का रास्ता खोज रहे है। इसके साथ ही अपने जिलों की अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाने की बजाय उन पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं और गड़बड़ा रही स्वास्थ्य सेवाओं को स्वीकारने तैयार नहीं है बल्कि प्रशासन की पीठ थपथपाने में लगे हैं जिससे लोगों में नाराजगी भी है। एक तरफ जहां सरकार और जनप्रतिनिधि कोरोना कोरोना संक्रमण केा रोकने में लगे हैं तो वही कई क्षेत्रों के गांव के लोगों ने अपने अपने गांव में जनता कर्फ्यू लगा दिया है। अब हाल यह है कि इन गांव में बाहरी लोग प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं और इसी का नतीजा है कि कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में ग्रामीण इलाकों में भी कमी आ रही है।

यह खबर भी पढ़ें: एक ऐसा रेस्‍टोरेंट, जहां बिना कोई जानवर काटे सर्व किया जाता है चिकन मीट

यह महामारी अब गांव गांव में पैर पसार रही है। जबलपुर जिले के पाटन कस्बे के युवाओं ने पहल की है। यहां की नगर और ग्राम पंचायतों में ऑक्सीजन सुविधा उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को गंभीर परिस्थितियों से गुजरना पड़ रहा था । इस समस्या को ध्यान में रखते हुए पाटन के युवाओं ने तहसील स्तर पर ऑक्सीजन सेवा की शुरूआत की है । ऑक्सीजन सेवा के तहत होम आइसोलेशन में रह रहे जरूरतमंद मरीजों को ऑक्सीजन घर पर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उन्हें अत्यधिक गंभीर समस्या से रूबरू ना होना पड़े पाटन में शुरू की गई यह सुविधा केबल पाटन तहसील मैं निवासरत व्यक्तियों के लिए ही रहेगी। राजधानी के गांधी मेडिकल कॉलेज के अधीन आने वाले हमीदिया अस्पताल में सीनियर और जूनियर चिकित्सकों के साथ उनके परिजन भी कोरोना प्रभावितों की मदद में लगे हुए है।--आईएएनएस

Download app: अपने शहर की तरो ताज़ा खबरें पढ़ने के लिए डाउनलोड करें संजीवनी टुडे ऐप

From around the web