इस्लामाबाद/लाहौर: पाकिस्तान की मेट्रो सेवाएं इन दिनों अपनी आधुनिक सुविधाओं और बेहद सस्ते किराए को लेकर चर्चा में हैं। बाहर से साधारण दिखने वाली ये मेट्रो ट्रेनें अंदर से किसी लग्जरी सिस्टम से कम नहीं हैं, लेकिन किराया इतना कम है कि लोग हैरान रह जाते हैं।
अंदर से लग्जरी जैसा अनुभव
पाकिस्तान के शहरों—खासकर लाहौर और इस्लामाबाद—में चलने वाली मेट्रो ट्रेनों का इंटीरियर बेहद आधुनिक और साफ-सुथरा है।
- एयर कंडीशनिंग की सुविधा
- डिजिटल डिस्प्ले और ऑटोमैटिक डोर
- आरामदायक सीटिंग और सुरक्षा व्यवस्था
इन सुविधाओं के कारण यात्रियों को कम कीमत में भी प्रीमियम अनुभव मिलता है।
किराया इतना सस्ता क्यों?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी सुविधाओं के बावजूद किराया इतना कम कैसे है। विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई कारण हैं:
- सरकार की भारी सब्सिडी
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की नीति
- विदेशी निवेश और फाइनेंसिंग
इन वजहों से आम जनता को बेहद कम कीमत पर यात्रा करने का मौका मिलता है।
आम लोगों के लिए राहत
कम किराया होने के कारण यह मेट्रो सिस्टम रोजाना हजारों लोगों के लिए सस्ता और सुविधाजनक विकल्प बन गया है। खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोग इसका सबसे ज्यादा लाभ उठा रहे हैं।
चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि, इतनी भारी सब्सिडी के कारण सरकार पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता है। कई रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि मेट्रो सिस्टम को चलाने के लिए हर साल बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है।
भारत से तुलना
भारत में भी मेट्रो सिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है, लेकिन यहां किराया अपेक्षाकृत अधिक होता है। ऐसे में पाकिस्तान का मॉडल सस्ती यात्रा के लिए एक अलग उदाहरण पेश करता है, हालांकि इसकी आर्थिक व्यवहार्यता पर बहस जारी है।







