लखनऊ नीला ड्रम हॉरर केस: पूर्ण विवरण और नवीनतम खुलासे
लखनऊ के आशियाना इलाके (सेक्टर-एल) में 20 फरवरी 2026 की सुबह हुई यह खौफनाक घटना पूरे देश को झकझोर चुकी है। 21 वर्षीय अक्षत प्रताप सिंह ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह (उम्र करीब 49-50 वर्ष) की लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को आरी से टुकड़े-टुकड़े किया और धड़ को नीले प्लास्टिक ड्रम में छिपा दिया। सिर, हाथ-पैर जैसे हिस्सों को सदरौना जंगल (लगभग 21 किमी दूर) में फेंक दिया गया।
घटना की पूरी समयरेखा और कारण
- पृष्ठभूमि: मानवेंद्र सिंह पैथोलॉजी लैब्स (करीब 4-12 लैब्स) और शराब की दुकानों (2-3) के मालिक थे। पत्नी की मौत के बाद वे अकेले बच्चों (अक्षत और छोटी बहन कृति, 17 वर्षीय) का पालन-पोषण कर रहे थे। अक्षत B.Com छात्र था, लेकिन पिता उसे NEET की तैयारी के लिए दबाव डालते थे और डॉक्टर बनाना चाहते थे। अक्षत परिवार के बिजनेस पर कब्जा करना चाहता था। कुछ रिपोर्ट्स में पिता-पुत्र के बीच पैसे, शराब लाइसेंस रिन्यूअल, चोरी और व्यक्तिगत विवाद (जैसे गर्लफ्रेंड या कैश मिसिंग) का भी जिक्र है।
- वारदात: 19-20 फरवरी की रात/सुबह करीब 4:30 बजे झगड़ा हुआ। दोनों नशे में थे (नया खुलासा)। पिता ने अक्षत को थप्पड़ मारा और राइफल तानी। गुस्से में अक्षत ने पिता के सिर में गोली मार दी। मौत हो गई।
- शव छिपाने की कोशिश: अक्षत ने शव को तीसरी मंजिल से ग्राउंड फ्लोर के बाथरूम में ले जाकर आरी (ऑनलाइन/मार्केट से खरीदी) से काटा। सिर, हाथ-पैर अलग किए। धड़ को नीले ड्रम में भरकर घर में छिपाया। कुछ हिस्सों को 2 दिनों में जंगल में फेंका। हत्या के बाद उसने पनीर-मिठाई खरीदकर घर में सामान्य व्यवहार किया, चाची के साथ खाना खाया ताकि शक न हो।
- बहन का रोल: वारदात के समय बहन कृति घर में मौजूद थी और पूरे मंजर को देखा। अक्षत ने उसे जान से मारने की धमकी दी और 4 दिनों तक कमरे में कैद रखा। बहन डर से चुप रही, यहां तक कि स्कूल परीक्षा देने भी गई लेकिन किसी को नहीं बताया। हत्या के बाद अक्षत भावुक होकर बहन से लिपटकर फूट-फूटकर रोया। पुलिस पूछताछ में बहन ने बाद में सच बताया। कुछ सवाल उठ रहे हैं कि क्या बहन की मिलीभगत थी, लेकिन मुख्य आरोपी अक्षत है।
- गुमशुदगी और गिरफ्तारी: अक्षत ने खुद पिता की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई और सुसाइड की कहानी बनाई। 22 फरवरी को ड्रम ठिकाने लगाने जा रहा था, लेकिन अकाउंटेंट के आने से रुक गया। पुलिस को शक हुआ, घर से राइफल, खोखे, आरी, खून से सने कपड़े, नीला ड्रम बरामद किया। 24 फरवरी को अक्षत गिरफ्तार। पूछताछ में कबूलनामा: “गलती से हो गया” या “धोखे से गोली लग गई”।
नवीनतम खुलासे (28 फरवरी 2026 तक)
- दोनों (पिता और बेटा) नशे में थे, जिससे व्यवहार उन्मादी हो गया।
- अक्षत ने फिल्म देखकर शव काटने का तरीका सीखा था।
- जेल में बहन को देखकर फिर रोया और बेचैनी में रात कटी।
- मुख्य मकसद: NEET दबाव + बिजनेस पर कब्जा + पारिवारिक विवाद। कुछ रिपोर्ट्स में चोरी और लाइसेंस रिन्यूअल का भी जिक्र।
- पुलिस ने BNS की धारा 103(1) (हत्या), 238 (साक्ष्य नष्ट), 217 (झूठी सूचना) और Arms Act के तहत केस दर्ज किया। जांच जारी, सिर अभी बरामद नहीं हुआ।
यह केस NEET/करियर प्रेशर, पारिवारिक तनाव और रिश्तों की पेचीदगियों को उजागर करता है। पुलिस सीन रिक्रिएशन कर चुकी है, और आरोपी जेल में है। यह घटना मेरठ के पुराने नीला ड्रम केस की याद दिलाती है, जहां भी शव ड्रम में छिपाया गया था।





