शहर में एलपीजी सिलेंडर की कमी ने फूड इंडस्ट्री की चिंता बढ़ा दी है। गैस सप्लाई प्रभावित होने के कारण होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग से जुड़े कारोबार पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कारोबारियों का कहना है कि यदि जल्द ही सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो फूड इंडस्ट्री को हर दिन करीब 100 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है।
होटल और रेस्टोरेंट पर सबसे ज्यादा असर
एलपीजी सिलेंडर की कमी का सबसे ज्यादा असर होटल, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड कारोबार पर पड़ रहा है। कई जगहों पर गैस खत्म होने के कारण किचन बंद करने की नौबत आ गई है। छोटे ढाबों और ठेलों पर काम करने वाले लोगों की रोजी-रोटी पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
व्यापार संघ से जुड़े लोगों का कहना है कि फूड इंडस्ट्री पूरी तरह एलपीजी पर निर्भर है। अचानक सप्लाई कम होने से कामकाज प्रभावित हो गया है। कुछ होटल मालिकों ने बताया कि उन्हें ब्लैक में महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने पड़ रहे हैं, जिससे खर्च बढ़ गया है।
सप्लाई में कमी बनी मुख्य वजह
जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई नियमित नहीं हो पा रही है। डिस्ट्रीब्यूटर के पास पर्याप्त स्टॉक नहीं है, जिसके कारण मांग के मुकाबले सिलेंडर कम मिल रहे हैं। इसका असर सीधे कारोबार पर पड़ रहा है।
कारोबारी संगठनों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि स्थिति ऐसी ही रही तो कई छोटे होटल और रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं।
रोजाना 100 करोड़ तक नुकसान की आशंका
फूड इंडस्ट्री से जुड़े व्यापारियों का अनुमान है कि शहर में हर दिन करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। गैस की कमी के कारण काम बंद होने से करीब 100 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है। इससे हजारों लोगों की नौकरी पर भी खतरा मंडरा रहा है।
प्रशासन से की गई मांग
व्यापारियों ने प्रशासन और गैस कंपनियों से अपील की है कि सिलेंडर की सप्लाई तुरंत बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि फूड इंडस्ट्री शहर की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा है, इसलिए इस समस्या का जल्दी समाधान जरूरी है।
अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है और जल्द ही स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।






