Explore

Search

February 26, 2026 1:17 pm

हाईकोर्ट के बाहर वकीलों का धरना खत्म, 7 मांगों पर सहमति, 10 दिन बाद ट्रैफिक बहाल

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

जयपुर हाईकोर्ट के बाहर वकीलों का 10 दिन पुराना धरना समाप्त, 7 मांगों पर समझौता; आरोपी डॉक्टर का पुतला दहन कर मनाई खुशी

जयपुर: इलाज में लापरवाही से एक वकील की मां की मौत के मामले में रिपोर्ट आने के 5 महीने बाद भी आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने के विरोध में राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच के बाहर 16 फरवरी 2026 से चला वकीलों का धरना बुधवार (25 फरवरी 2026) शाम को खत्म हो गया। धरने के दौरान वकीलों ने मुख्य सड़क पर रास्ता रोका हुआ था, जिससे शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई थी। पुलिस से समझौता होने के बाद वकीलों ने धरना समाप्त किया, रास्ता खोला और आरोपी डॉक्टर का पुतला दहन कर खुशी जताई।

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल और डीसीपी दक्षिण राजर्षि राज की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। समझौते में 7 प्रमुख मांगों पर सहमति बनी, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • आरजीएचएस (राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना) में अनियमितता के आरोपों पर निविक अस्पताल से जुड़ी जांच चिकित्सा विभाग की ओर से 20 दिनों में पूरी कराने के लिए विभाग को पत्र लिखा जाएगा। जांच में अपराध प्रमाणित होने पर विभाग खुद एफआईआर दर्ज करवाएगा।
  • इलाज में लापरवाही को लेकर मानसरोवर पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के संबंध में परिवादी की इच्छा पर मेडिकल कॉलेज को मेडिकल बोर्ड गठित करने के लिए लिखा जाएगा।
  • जांच एवं कार्रवाई पूरी होने तक अस्पताल को अस्थाई रूप से आरजीएचएस पैनल से बाहर करने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा जाएगा।
  • हाईकोर्ट में लंबित याचिका में तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश की जाएगी।
  • मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डीसीपी दक्षिण की अध्यक्षता में एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित की जाएगी, जो एक माह में जांच पूरी करेगी।
  • जांच की प्रगति परिवादी को नियमित रूप से बताई जाएगी।
  • प्रत्येक जांच में परिवादी शामिल रहेगा और हर 7 दिन में बार एसोसिएशन को प्रगति रिपोर्ट दी जाएगी।
  • समस्त दस्तावेजों और सीसीटीवी फुटेज की जांच एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) से एक माह में कराई जाएगी।

यह धरना अधिवक्ता जीतेन्द्र शर्मा की मां के इलाज में कथित लापरवाही से मौत के मामले से जुड़ा था, जिसमें निविक अस्पताल (मानसरोवर) के डॉक्टर सोनदेव बंसल पर आरोप थे। पुलिस ने सितंबर 2025 में एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन गिरफ्तारी न होने से वकील आक्रोशित थे। धरने के कारण हाईकोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक प्रभावित रहा था।

DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर