नई दिल्ली, 5 जनवरी 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जल्द ही संघीय बजट 2026 पेश करने वाली हैं। पिछले बजट 2025 में मध्यम वर्ग और सैलरीड कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली थी, जब न्यू टैक्स रिजीम के तहत बेसिक छूट सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दिया गया था। इसके साथ ही स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ने से सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए प्रभावी रूप से 12.75 लाख रुपये तक की आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता।
बजट 2025 में न्यू टैक्स रिजीम के प्रमुख बदलाव इस प्रकार थे:
- 0 से 4 लाख रुपये तक आय पर जीरो टैक्स।
- बढ़ी हुई रिबेट (सेक्शन 87A) के कारण 12 लाख रुपये तक की आय पूरी तरह टैक्स-फ्री।
- सैलरीड व्यक्तियों के लिए 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन जोड़कर 12.75 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं।
इससे लाखों मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिली और उनकी बचत बढ़ी। विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026 में भी आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए टैक्स स्लैब में और राहत दी जा सकती है, ताकि उपभोग और निवेश को प्रोत्साहन मिले।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले बजट में कहा था कि सरकार मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ाने पर फोकस कर रही है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि क्या इस बार छूट की सीमा को और ऊपर ले जाया जाएगा या नई स्लैब में बदलाव होगा।






