जाह्नवी कपूर ने हाल ही में अपने करियर और निजी जीवन के सबसे कठिन दौर को याद करते हुए भावुक खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि मां श्रीदेवी के निधन के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी और इसी दौरान उन्हें नफरत, ट्रोलिंग और कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा।
जाह्नवी कपूर ने कहा कि जब उन्होंने फिल्म धड़क से बॉलीवुड में डेब्यू किया, उस समय वह व्यक्तिगत तौर पर बेहद कमजोर स्थिति में थीं। मां के अचानक चले जाने का गहरा सदमा अभी भी उनके भीतर था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें खुद को संभालते हुए अपने काम पर ध्यान देना पड़ा। उन्होंने स्वीकार किया कि उस वक्त उन्हें लोगों की नकारात्मक प्रतिक्रियाओं ने और भी ज्यादा तोड़ने की कोशिश की।
एक्ट्रेस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार ट्रोल किया जाता था और उनकी तुलना मां श्रीदेवी से की जाती थी। कई बार उनकी प्रतिभा पर सवाल उठाए गए और उन्हें “नेपोटिज्म प्रोडक्ट” कहकर आलोचना झेलनी पड़ी। जाह्नवी ने बताया कि यह सब उनके लिए मानसिक रूप से काफी कठिन था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
उन्होंने कहा कि उस मुश्किल दौर में परिवार और करीबी दोस्तों का साथ उनके लिए सबसे बड़ा सहारा बना। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को मजबूत किया और अपने काम के जरिए लोगों को जवाब देने का फैसला किया। जाह्नवी का मानना है कि हर संघर्ष इंसान को कुछ न कुछ सिखाता है और उन्हें भी इस अनुभव ने और ज्यादा मजबूत बनाया।
आज जाह्नवी कपूर बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कई फिल्मों में अपने अभिनय से दर्शकों का ध्यान खींचा है और आलोचकों से भी सराहना पाई है।
इस खुलासे के जरिए जाह्नवी कपूर ने यह भी दिखाया है कि ग्लैमर की दुनिया के पीछे कितनी चुनौतियां और संघर्ष छिपे होते हैं। उनका यह सफर उन लोगों के लिए प्रेरणा बन सकता है, जो मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं।







