इजराइल-ईरान के बीच पिछले महीने चले 12 दिन की जंग के दौरान इजराइल ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान को निशाना बनाने के लिए जो हमला किया था, उससे जुड़ी नई जानकारी सामने आयी है. ईरानी सुरक्षा एजेंसियों और खुद ईरानी राष्ट्रपति के दिये बयान के मुताबिक इजराइल ने राष्ट्रपति पेजेशकियान को ठीक उसी तरह से मारने का प्लान बनाया था जैसा हिजबुल्ला के चीफ हसन नसरल्लाह को मारने के लिए किया गया था.
पिछले साल 27 सितंबर को जब हिज़्बुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह लेबनान की राजधानी बेरूत में एक ऊंची इमारत के बेसमेंट में मीटिंग कर रहे थे तो इजराइल ने सटीक सूचना के आधार पर उस बिल्डिंग को निशाना बनाया था. इजराइल के मिसाइल हमले में नसरल्लाह मारे गये थे. ईरान-इजराइल जंग के दौरान इजराइल डिफेंस फ़ोर्स (IDF) ने इसी मॉडल को दोहराने की कोशिश की थी.
16 जून को दिन के वक्त तेहरान के पश्चिमी भाग में स्थित एक अत्यधिक सुरक्षित सरकारी भवन में ईरान की सर्वोच्च सुरक्षा परिषद की बैठक चल रही थी. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान समेत ईरान के टॉप लीडर एक अंडरग्राउंड बमरोधी बंकर में मीटिंग कर रहे थे.
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इजराइल ने निशाना बनाया था एंट्री और एग्जिट गेट
12-13 जून के इजराइल हमले में ईरान के मिलिट्री के कई शीर्ष कमांडर मारे जा चुके थे. ईरान के अगले कदम को लेकर ईरानी सर्वोच्च सुरक्षा परिषद की बैठक चल रही थी जब इजराइल ने उस बिल्डिंग के एंट्री और एग्जिट गेट को निशाना बनाते हुए छह मिसाइल दागे. मकसद था, मीटिंग में मौजूद सभी लोगों को दफ़्न कर देना. पहले मिसाइल के हमला होते ही ईरानी सुरक्षा एजेंसियों को खतरे का एहसास हुआ और मीटिंग में मौजूद राष्ट्रपति पेजेशकियान समेत सभी लीडर्स को इमरजेंसी एग्जिट से निकाला गया. इससे पहले की इजराइल मिसाइलें बिल्डिंग को ध्वस्त कर पाती, इमरजेंसी एग्जिट से राष्ट्रपति को निकालकर उनकी जान तो बचा ली गई, लेकिन इस दौरान उनके पैर जख़्मी हो चुके थे.
राष्ट्रपति पेजेशकियान की किस्मत ने साथ दिया वरना नसरल्लाह की तरह उनका भी अंजाम हो सकता था. ईरानी सुरक्षा एजेंसियों ने इजराइल हमले और पेजेशकियान को सुरक्षित निकालने का कुछ विडियो भी जारी किया है.
‘नसरल्लाह प्लान’ जैसी इजराइल की रणनीति
इजराइल की यह योजना हूबहू उसी रणनीति पर आधारित थी जिससे उसने 2024 में हिज़्बुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह को मार गिराया था. उस ऑपरेशन में IDF ने हमले को खास स्टाइल में अंजाम दिया था. जिसमें टारगेट बिल्डिंग के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर मिसाइलें दागी गईं थी. वेंटिलेशन सिस्टम को बर्बाद किया गया ताकि अंदर फंसे लोगों का दम घुटे और बिजली और संचार को ठप किया गया था.
ठीक इसी ढांचे पर तेहरान हमले को अंजाम दिया गया. इसलिए इस पूरे ऑपरेशन को अब ‘नसरल्लाह प्लान’ नाम दिया जा रहा है. जब मिसाइलें बंकर के प्रवेश और निकास को तबाह कर चुकी थीं, तब बंकर में मौजूद नेताओं ने एक पुराने, अज्ञात आपातकालीन मार्ग (emergency hatch) के जरिए बाहर निकलकर जान बचाई. इजराइल को इस ख़ुफ़िया रास्ते के बारे में पता नहीं था वरना हमले में उस एग्जिट को भी टार्गेट किया जाता और फिर बड़ी अनहोनी हो सकती थी.
ट्रंप ने खामनेई की संभावित हत्या को लिए दिये थे बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने इजराइल को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनेई की हत्या से रोका था. राष्ट्रपति पेजेशकियान ने एक इंटरव्यू साफ कहा कि इस हमले के पीछे पूरी तरह इजराइल का हाथ था, अमेरिका नहीं. इजराइल और ईरान के बीच 12 दिनों का भीषण युद्ध चला जिसमें ईरान में 1060 से अधिक लोग मारे गये जबकि 5650 लोग घायल हुए. ईरान से अब धीरे-धीरे जो जानकारियां निकल रही है उससे दोबारा जंग शुरू होने के आसार लग रहे है.
