ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सेना ने ईरान की ज़मीन पर हमला किया या ग्राउंड इनवेजन किया, तो यह अमेरिका के लिए “बड़ी तबाही” (big disaster) साबित होगा।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने एक इंटरव्यू में साफ कहा, “हम उनसे इंतज़ार कर रहे हैं। हम उनसे डरते नहीं हैं, क्योंकि हमें यकीन है कि हम उनका मुकाबला कर सकते हैं और यह उनके लिए बहुत बड़ी तबाही होगी।” उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अमेरिकी ज़मीनी हमले के लिए पूरी तरह तैयार है और कोई समझौता या सीज़फायर की गुहार नहीं लगाएगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और इज़राइल ने फरवरी 2026 के अंत में ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए हैं। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबरें आई हैं, और अमेरिका-इज़राइल ने ईरान की सैन्य क्षमता, न्यूक्लियर प्रोग्राम और बैलिस्टिक मिसाइलों को निशाना बनाया है। ईरान ने जवाब में इज़राइल, अमेरिकी बेस और खाड़ी देशों (जैसे कुवैत, कतर, सऊदी अरब, बहरीन) पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं।
ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारिजानी ने भी कहा कि ईरानी फौज अमेरिकी सैनिकों का “स्वागत” करने के लिए तैयार है और उन्हें “बेइज़्ज़त” कर हजारों को मार गिराने या कैद करने को तैयार है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम ने कहा है कि ईरान पर हमले जारी रहेंगे और ज़रूरत पड़ने पर ग्राउंड ट्रूप्स भी भेजे जा सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि कोई टाइम लिमिट नहीं है और “जितना ज़रूरी होगा, उतना चलेगा”। डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी कि हमले “ड्रामेटिकली बढ़ेंगे”।
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी ज़मीनी हमले का कड़ा जवाब देगा, जिससे मिडिल ईस्ट में युद्ध का दायरा और फैल सकता है। दुनिया भर में तनाव चरम पर है, और तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।






