मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। खाड़ी क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पास एक तेल टैंकर पर बड़ा हमला हुआ। बताया जा रहा है कि यह टैंकर अमेरिका से जुड़ा हुआ था और हमले के बाद उसमें भीषण आग लग गई। आसमान में दूर-दूर तक धुएं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
सूत्रों के मुताबिक यह हमला हाल ही में ईरान के खर्ग आइलैंड पर हुए हमले के जवाब में किया गया पलटवार माना जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में इस घटना को ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि समुद्र में अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद तेल टैंकर में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया और जहाज से ऊंची लपटें उठने लगीं। आसपास मौजूद जहाजों को तुरंत सुरक्षित दूरी पर जाने का निर्देश दिया गया।
घटना के बाद खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कई देशों की नौसेनाएं इलाके में गश्त बढ़ा रही हैं, क्योंकि यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक माना जाता है। इस रास्ते से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस तरह के हमले लगातार होते रहे तो वैश्विक तेल सप्लाई पर असर पड़ सकता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है। इसका सीधा असर भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
घटना के बाद अमेरिका ने कहा है कि वह स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर कड़ा जवाब दिया जाएगा। वहीं ईरान की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
फिलहाल खाड़ी क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटना को बेहद गंभीर मान रहा है। जानकारों का कहना है कि अगर तनाव कम नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।






