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March 8, 2026 1:24 pm

ईरान ने दुबई में किया ड्रोन हमला, एक पाक नागरिक की मौत;- ‘अमेरिकी सैनिक हिरासत में’

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नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच चल रहा भीषण युद्ध अब मार्च 2026 के दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, जहां संघर्ष ने एक खतरनाक और व्यापक मोड़ ले लिया है। अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त ऑपरेशन एपिक फ्युरी (Operation Epic Fury) के आठवें-नौवें दिन युद्ध की आग अब खाड़ी देशों तक फैल गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा संकट मंडरा रहा है।

ताजा और सबसे चिंताजनक घटनाक्रम में दुबई पर ईरानी ड्रोन हमला हुआ है। इस हमले में एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत की पुष्टि हुई है। दुबई मीडिया ऑफिस के अनुसार, एक ईरानी ड्रोन को हवाई रक्षा प्रणाली द्वारा रोका गया, लेकिन गिरते मलबे से एक टैक्सी पर असर हुआ, जिसमें बैठा पाकिस्तानी ड्राइवर मारा गया। साथ ही, दुबई मरीना क्षेत्र में एक हाई-राइज टावर (23 मारिना टावर) पर ड्रोन के मलबे या सीधे प्रभाव से आग लग गई, जिससे ऊपरी मंजिलों में धुआं और आग की लपटें उठीं। इस घटना ने दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) के संचालन को कुछ समय के लिए प्रभावित किया, जहां उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं और बाद में आंशिक रूप से बहाल हुईं।

ईरान ने खाड़ी देशों पर व्यापक हमले तेज कर दिए हैं, जिसमें यूएई, कतर, सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन लॉन्च किए, जिनमें से अधिकांश को अमेरिकी, यूएई और अन्य सहयोगी देशों की एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया, लेकिन गिरते मलबे से नागरिक क्षेत्रों में नुकसान हुआ। दुबई के अलावा अबू धाबी में भी इजरायली दूतावास सहित कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। ईरान ने पहले पड़ोसी देशों से माफी मांगी थी कि वह उन्हें निशाना नहीं बनाएगा, लेकिन हमले जारी रहने पर उसने पलटवार किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान से “पूर्ण आत्मसमर्पण” की मांग की है और कहा है कि ऑपरेशन एपिक फ्युरी तब तक चलेगा जब तक ईरान की मिसाइल और न्यूक्लियर क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती। इज़राइल ने तेहरान में तेल डिपो, रिफाइनरी और सैन्य ठिकानों पर नए हमले किए हैं, जबकि ईरान ने लेबनान के हिजबुल्लाह के साथ मिलकर उत्तरी इज़राइल पर रॉकेट और ड्रोन हमले बढ़ा दिए हैं।

इस युद्ध से वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, खाड़ी में जहाजरानी प्रभावित हो रही है और लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संघर्ष और फैला तो यह पूरे क्षेत्र को जंग की चपेट में ले सकता है, जिसमें सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देश भी सीधे शामिल हो सकते हैं। स्थिति पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं, और संयुक्त राष्ट्र सहित कई देश युद्धविराम की अपील कर रहे हैं, लेकिन अभी कोई ठोस प्रगति नहीं दिख रही।

Rashmi
Author: Rashmi

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