प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के वैश्विक भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाने को तैयार है। यह बात आज (16 फरवरी 2026) दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुए AI Impact Summit 2026 और इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो के उद्घाटन के दौरान साफ झलक रही है।
पीएम मोदी ने इस मेगा इवेंट का उद्घाटन करते हुए कहा कि दुनिया भर से नेता, टेक दिग्गज और नीति-निर्माता भारत आ रहे हैं, जो हमारे युवाओं की क्षमता और विज्ञान-प्रौद्योगिकी में तेज प्रगति का प्रमाण है। उन्होंने जोर दिया कि भारत समावेशी, जिम्मेदार और प्रभावशाली AI के भविष्य को आकार देने में अग्रणी बनेगा।
पीएम मोदी का मेगा प्लान: AI को जन-कल्याण से जोड़ना
पीएम मोदी का विजन स्पष्ट है – AI सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि “सरवजन हिताय, सरवजन सुखाय” (सभी के हित और सुख के लिए) का माध्यम बनेगा। उनका मेगा प्लान मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर टिका है:
- इंडिया AI मिशन के तहत बड़े पैमाने पर निवेश: कम्प्यूटिंग पावर बढ़ाना, 38,000+ GPU स्थापित करना और ₹10,300 करोड़ से अधिक का फंड।
- डेटा सेंटर्स को मेगा जॉब क्रिएटर बनाना: पीएम ने कहा, “पूरी दुनिया का डेटा भारत में रहने के लिए हम आमंत्रित करते हैं।” इससे युवाओं के लिए लाखों रोजगार पैदा होंगे।
- समावेशी AI विकास: स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सामाजिक न्याय जैसे क्षेत्रों में AI का उपयोग, खासकर ग्लोबल साउथ के लिए मॉडल तैयार करना।
- नैतिक और सुरक्षित AI: पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद AI गवर्नेंस पर फोकस, जिसमें भारत वैश्विक मानक स्थापित करेगा।
- वैश्विक सहयोग: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, गूगल के सुंदर पिचाई, ओपनAI के सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गजों की मौजूदगी से भारत AI गवर्नेंस में किंगमेकर बन सकता है।
यह समिट (16-20 फरवरी तक) ग्लोबल साउथ में पहला बड़ा AI शिखर सम्मेलन है, जहां 500+ सत्रों में AI के रियल-वर्ल्ड एप्लिकेशन, स्किल डेवलपमेंट और इकोनॉमिक इम्पैक्ट पर चर्चा हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की 1.4 अरब आबादी, विविधता और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर इसे AI के भविष्य का प्रमुख शक्ति केंद्र बना सकता है।






